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आजादी के 72 साल बाद यहां पहुंचेगी भारतीय रेल, अब तक थी ये अड़चन

रायपुर में बनेगा रेलवे (Indian Railway) का सौ बिस्तर का अस्पताल, बस्तर में आज भी 80 प्रतिशत लोगों ने नहीं देखा रेल .

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आजादी के 72 साल बाद यहां पहुंचेगी भारतीय रेल, अब तक थी ये अड़चन

आजादी के 72 साल बाद यहां पहुंचेगी भारतीय रेल, अब तक थी ये अड़चन

रायपुर . दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के सौजन्य से जल्द ही रायपुर को रेलवे की अस्पताल (Railway Hospital) की सौगात मिलेगी।इस सौ बिस्तर वाले अस्पताल का न केवल रेलवे कर्मचारियों को बल्कि राजधानी के रहवासियों को भी फायदा मिलेगा।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (Indian Railway) प्रशासन के साथ हुई बैठक के बाद यह सब जनता को आगामी में मिलने सुविधावों की सुचना मिली है। छत्तीसगढ़ (CG) में रेलवे के विकास तथा अन्य मुद्दों पर रेलवे अधिकारियों के साथ हुई बैठक में राजनांदगांव सांसद सुनील सोनी के साथ कांकेर सांसद मोहन मण्डावी, अरुण साव, छाया वर्मा और विजय बघेल मौजूद रहे।

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बैठक में चर्चा के दौरान यात्री सुविधा को लेकर रेल के विकास संचालन रेलवे स्टॉपेज की संभावना तलाशी गई है साथ ही कई प्रस्ताव रखे गए हैं, जिसमे सौ बेड वाले हॉस्पिटल (100 Bed Hospital) शामिल है। इस पर रेलवे ने हामी भरी है।सांसद मोहन मण्डावी का कहना है बस्तर में रेल संचालन की माँग को लेकर सभी सांसदों ने रेल प्रबंधन से चर्चा की। रेल प्रबंधन ने इस पर हामी भरने के साथ बहुत ही जल्द रेल यात्रा को लेकर रणनीति बनाई जानें की बात कही है।

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बैठक के दौरान कांकेर सांसद ने बताया की बस्तर (Bastar) के आज भी 80 प्रतिशत लोगों ने रेल नहीं देखा है और जो अधिकारी नक्सली (Naxali Area) उत्पात की बात करते हैं, ये बिलकुल अफ़वाह है। सांसद छाया वर्मा ने कहा कि जो केंद्र सरकार ने रेल में चना-फल्ली बेचने वालों पर रोक लगाने का फैसला लिया है।इस फैसले से (Chhattisgarg) छत्तीसगढ़ में बहुत सारे लोग बेरोज़गार हो जाएंगे। इस पर रेल अधिकारियों से चर्चा हुई जिसमे जो बेचने वाले लोग हैं उन्हें रेलवे की तरफ़ से एक कार्ड दिया जाने का हल सामने आया।रेलवे महाप्रबंधक ने बताया कि मीटिंग में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई है।वहीं परियोजनाओं में कैसे तेज़ी के कार्य किया जाए इस पर रणनीति बनाई गई है।

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आपको बता दें भारतीय रेल अब तक छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र दल्लीराझरा - रावघाट - जगदलपुर तक लाइन बीछा चुकी है।लेकिन समय - समय पर नक्सलियों द्वारा मचाएं जाने वाले उत्पात और कभी प्रशासनिक बाधाओं के कारण आज तक बस्तर के कई प्रतिशत लोग रेल ही नहीं देख पाएं हैं। यदि बैठक में हुए मांगों पर रेलवे प्रशासन गंभीरता से कार्य करेगी तो जल्द ही छत्तीसगढ़ के लोगों को भारतीय रेलवे के नए सौगात मिल सकते हैं।

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