
Pankaj Beck Suicide Case: पूर्व गृहमंत्री उठा रहे न्यायिक जांच की प्रक्रिया पर सवाल, पत्नी कह रही पुलिस ने मार डाला मेरे पति को
रायपुर। पुलिस कस्टडी से कथित रूप से फरार आरोपी पंकज बेक (Pankaj Beck Suicide Case) का संदेहास्पद स्थिति में डॉ. परमार क्लीनिक में फांसी पर लटकता हुआ शव मिला था। इसे लेकर भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने पूर्व गृहमंत्री ( ex- CGHome minister) रामसेवक पैकरा (Ram sewak paikra) की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया था। चार दिनों तक चली जांच के बाद 30 पन्ने की रिपोर्ट तैयार कर सोमवार को भाजपा (BJP) प्रदेशाध्यक्ष (Vikram husendi) को सौंपने की बात रामसेवक पैकरा ने कही है।
उन्होंने कहा कि मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया है कि पुलिस (police) ने पीट-पीटकर कर उसके पति की हत्या की है, उसने आत्महत्या (suicde case) नहीं किया है। रामसेवक पैकरा ने कहा कि न्यायिक जांच के लिए निर्धारित गाइड-लाइन का पालन नहीं किया जा रहा है। अगर जरूरत पड़ी तो भाजपा हाईकोर्ट (Chhattisgarh high court) में रिट भी दायर करेगी।
सरगुजा में रविवार को पत्रकारवार्ता में भाजपा द्वारा गठित जांच कमेटी के चारों सदस्यों ने जांच के दौरान साक्ष्य के माध्यम से जो भी तथ्य सामने आए, उसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृतक की पत्नी रानू बेक, उसके पिता, भाई व सरपंच का गांव में जाकर बयान दर्ज किया गया। रानू ने बताया कि पुलिस कस्टडी में उसके पति पंकज बेक की पुलिकर्मियों ने पीट-पीटकर हत्या की है।
उसके पति को पुलिस ने कुंडला सिटी निवासी तनवीर सिंह की शिकायत पर चोरी के मामले में लगातार 9 जुलाई से पूछताछ के लिए बुला रही थी, पंकज प्रतिदिन कोतवाली पहुंचकर पुलिस की जांच में सहयोग कर रहा था। जबकि मामले में शिकायतकर्ता ने 11 जुलाई को 13 लाख रुपए की चोरी का जुर्म दर्ज कराया था। 21 जुलाई की सुबह पंकज को पुलिस ने पूरे परिवार के बैंक खाते का विवरण लेकर बुलाया था। बैंक खाते का विवरण लेकर वह 11 बजे के आसपास कोतवाली पहुंचा था, जहां से उसे व इमरान को साइबर सेल ले जाया गया, जहां दोनों की जमकर पिटाई की गई।
रात में सरपंच के साथ पहुंची थी कोतवाली
मृतक की पत्नी रानू ने बताया कि 21 जुलाई की रात में वह स्वयं, ससुर और सरपंच कोतवाली पहुंचे। उन्होंने वहां पंकज के बारे में पूछताछ की तो उन्हें बताया गया कि पंकज को जेल भेज दिया गया है। इसके बाद इमरान खान का बयान जेल में जाकर लिया गया। दोनों ने बयान में कहा है कि पंकज की पुलिसकर्मियों ने पीट-पीटकर बर्बरतापूर्वक हत्या की है।
आदिवासी नेतृत्व पार्टी से उठकर कराए जांच
रामसेवक पैकरा ने कहा कि अमरजीत भगत खुद एक आदिवासी नेता हैं और मृतक की पत्नी के रिश्तेदार भी हैं। हमने उनसे मांग रखी है कि वे शासन (CG government) में खुद आगे बढ़कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच में सहयोग करें। अगर उनमें साहस है तो सबके साथ मिलकर राजनीति से ऊपर उठकर जांच कराने में परिवार की मदद करें।
प्रदेश संगठन को सौंपेंगे रिपोर्ट
रामसेवक पैकरा ने कहा कि सोमवार को जांच कमेटी के सभी सदस्य रायपुर में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को 30 पन्ने की जांच रिपोर्ट सौंप देंगे। उनके द्वारा नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक व केंद्रीय गृहमंत्री को भी पत्र प्रेषित करने की मांग की जाएगी।
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Published on:
05 Aug 2019 04:03 pm
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