Kabir Jayanti 2021 : संत कबीर दास का दर्शन हर युग में प्रासंगिक

  • ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा को हुआ था कबीरदास का जन्म
  • समाज में फैली हुई कुरीतियों पर किया था कड़ा प्रहार

By: Anupam Rajvaidya

Published: 24 Jun 2021, 02:14 AM IST

रायपुर. संत कबीर दास ने अपने दोहों के माध्यम से भाईचारे, प्रेम, सद्भावना और सामाजिक समानता का संदेश दिया। उन्होंने समाज में फैले आडंबर और जात-पात का सख्त विरोध किया था। अपने दोहों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर कठोर प्रहार किया था। कबीरदास जी का जन्म संवत् 1455 की ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा को हुआ था, इसीलिए इस दिन कबीर जयंती मनाई जाती है।

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कबीर जयंती इस वर्ष 24 जून को है। छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कबीर जयंती पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा है कि भक्तिकाल के महान कवि के साथ-साथ संत कबीर दास समाज सुधारक भी थे। उन्होंने तत्कालीन समाज को नई दिशा प्रदान की थी और समाज में फैली हुई कुरीतियों पर कड़ा प्रहार किया। है।
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमन्त्री भूपेश बघेल ने कहा कि संत कबीर साहेब का जीवन दर्शन हर युग में प्रासंगिक है। वे सामान्य बोलचाल की भाषा में बड़ी सहजता से गहरी बात कह जाते थे। सरलता से सीधे कही गई उनकी बातें लोगों के दिल में अपनी पैठ बना लेती थी। भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी संत कबीर के जीवनदर्शन का लोगों के जनजीवन पर गहरा प्रभाव रहा है।
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Anupam Rajvaidya Desk
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