
National Junk Food Day 2024: खानपान व बिगड़ती लाइफ स्टाइल के कारण बच्चों व युवाओं में मोटापा बढ़ रहा है। ये इन दिनों हर घर की समस्या बनती जा रही है। बढ़ते मोटापे से पैरेंट्स भी परेशान हैं। दरअसल कई बच्चे जंक फूड को रूटीन में ऐसे खाते हैं, जैसे ये उनके लिए जरूरी हो। डॉक्टरों के अनुसार मोटापा व इससे जुड़ी बीमारियों के लिए काफी हद तक जंक फूड व लाइफ स्टाइल ही जिम्मेदार है। ऐसे में जहां तक हो सके, बच्चों को इससे दूर रखें। न केवल बच्चे, बल्कि कई किशोर व युवा भी मोटापे की गिरफ्त में आ रहे हैं। इससे वे डायबिटीज व हाई बीपी से ग्रसित होने लगे हैं।
राजधानी रायपुर के 18 वर्षीय बालक ने हाल में 12वीं पास किया है। मोबाइल व जंक फूड की लत से उनका वजन बढ़ता ही जा रहा है। पैरेंट्स चिंतित है। डॉक्टरों से सलाह लेने पर उन्होंने जंक फूड व मोबाइल से दूरी बनाने की समझाइश दी। साथ ही साइकिलिंग करने को भी कहा। ऐसे ही 12 वर्षीय एक बालक 6वीं में पढ़ रहा है। पिछले सालभर से वजन बढ़ता ही जा रहा है। इससे वह सुस्त होता जा रहा है। इसके बाद भी जंक फूड के लिए पैरेंट्स को तंग करता है। पैरेंट्स न चाहते हुए भी बच्चे की जिद पूरी कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सारी बीमारियों की जड़ मोटापा होती है। ऐसे में कम उम्र पर ही खानपान व लाइफ स्टाइल पर ध्यान दिया जाए तो इससे बचा जा सकता है।
मोटापे से डायबिटीज व हार्ट संबंधी बीमारियां: मोटापे के कारण डायबिटीज व हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा रहता है। कोलेस्ट्राल बढ़ने से हार्ट संबंधी बीमारी होती है। वहीं, महिलाओं में प्रजनन संबंधी दिक्कत भी हो सकती है। युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर व डायबिटीज टाइप 2 की समस्या देखी जा रही है। कुछ मामलों में कैंसर का कारण भी बनता है। आंबेडकर अस्पताल, एम्स समेत निजी अस्पतालों में ऐसे काफी केस आ रहे हैं। कुछ निजी अस्पतालों में बेरियाट्रिक सर्जरी भी की जा रही है।
आपको बता दे कि मोटापे के मामले में भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर है। पहले नंबर पर यूएसए व दूसरे नंबर पर चीन है। 2022 में एक आंकड़े के अनुसार देश में 1.25 करोड़ बच्चे, 2.6 करोड़ पुरुष व 4.4 करोड़ महिलाएं मोटापे से ग्रसित है। वही देश में केरल, तमिलनाडु, पंजाब व दिल्ली में मोटापे की दर अधिक है। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और झारखंड में यह दर कम है। 2022 में 3.1% लड़कियां व 3.9% लड़के मोटापे से ग्रसित थे।
लैंसेट के एक अध्ययन के अनुसार भारत में 70% शहरी आबादी ज़्यादा वज़न वाली है। ऐसे में हमें खासकर बच्चों, किशोर व युवाओं को मोटापा से बचाने के लिए हमें विशेष अलर्ट रहना होगा। जंक फूड से दूर रहने की जरूरत है। इसके लिए माता-पिता भी बच्चों व युवाओं को समझाइश दें। जंक फूड व बदलती लाइफ स्टाइल मोटापे के लिए जिम्मेदार है। खासकर बच्चों व युवा जंक फूड से दूर रहें तो हार्ट व हाई बीपी से बच सकते हैं। साइकिलिंग व फिजिकल एक्टिविटी में भाग लेकर वजन बढ़ने से रोका जा सकता है। पैरेंट्स को भी इस ओर अलर्ट रहना होगा।
Updated on:
22 Aug 2024 01:53 pm
Published on:
22 Aug 2024 01:53 pm
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