
खारुन घाट किनारे सौन्दर्यीकरण कर बड़ा मरीन ड्राइव बनाने की तैयारी, साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर होगा विकसित
रायपुर. राज्य सरकार ने खारुन रिवर फ्रंट डेव्हलपमेंट प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत खारुन नदी तट का विकास गुजरात के साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर करने की तैयारी है। वहीं नदी किनारे बड़ा मरीन ड्राइव बनाने की भी योजना है। इसके बनाने से यह इलाका लोगों के घूमने-टहलने और मार्निंग वाक के लिए मनोरम एवं रमणीय स्थल बन जाएगा। इस मरीन ड्राइव के बन जाने से तेलीबांधा तालाब स्थित मरीन ड्राइव और शहर में ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
स्मार्ट सिटी, सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन के समन्वय से यह प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसकी तैयारी के लिए नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, रायपुर शहर के विधायकगण, महापौर और मुख्य सचिव ने आज संयुक्त रूप से खारुन नदी तट पहुंचकर रिवर फ्रंट प्लान का मौका-मुआयना किया। मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने बताया कि महादेव घाट से खारुन नदी के दोनों किनारे कुम्हारी तक लगभग 8.5 किलोमीटर तक पाथवे निर्माण किया जाएगा।
मंत्री डॉ. डहरिया ने बताया कि महादेव घाट के पास स्थित विसर्जन कुण्ड से लेकर भोथली गांव नदी किनारे तक वृहद पुल का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त नदी किनारे प्लांटेशन और सौन्दर्यीकरण का कार्य भी होगा। नदी पर पुल बन जाने से जहां आसपास के कॉलोनियों तथा रायपुर से कुम्हारी, दुर्ग जाने वालों को सहूलियत होगी। दुर्ग और कुम्हारी के लोगों को भी रायपुर शहर एवं एयरपोर्ट तक आवागमन आसान होगा। इस अवसर पर विधायक कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, महापौर एजाज ढेबर, मुख्य सचिव आरपी मंडल, कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन, नगर निगम रायपुर के आयुक्त सौरभ कुमार, स्मार्ट सिटी के संचालक एसके सुन्दरानी सहित संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थें।
बचेंगे आधा से पौन घंटे
अधिकारियों ने बताया कि महादेव घाट से टाटीबंध होते हुए कुम्हारी तक पाथवे बनने से रायपुर और कुम्हारी के लोगों को आने-जाने में केवल 8 से 10 मिनट का समय लगेगा। अभी रायपुर से कुम्हारी तक जाने में आधा से पौन घण्टा लगता है। पाथवे बनने से आवागमन में समय की बचत होगी। अधिकारियों ने बताया कि इसके अतिरिक्त महादेव घाट से टाटीबंध होते हुए पुन: घाट तक लगभग 20 किलोमीटर का फेरा होता है।
Published on:
19 Jun 2020 10:32 pm
