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मंदिरों और पंडाल में सज गए माता के दरबार, यह होगा मां की स्थापना का शुभ मुहूर्त

दुर्गा उत्सव समितियां बैंड बाजा के साथ मां दुर्गा की अनेक रूपों में प्रतिमाएं लाने में जुट गए हैं

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मंदिरों और पंडाल में सज गए माता के दरबार, यह होगा मां की स्थापना का शुभ मुहूर्त

रायपुर. शक्ति उपासना का पर्व शारदीय नवरात्रि आज बुधवार से होने जा रही है। राजधानी रायपुर के देवी मंदिरों और झांकियों व पंडालों को आकर्षक ढ़ंग से रोशन किया गया है। मंदिरों के सामने पूजन सामग्री की दुकानें सज गई है।

दुर्गा उत्सव समितियां बैंड बाजा के साथ मां दुर्गा की अनेक रूपों में प्रतिमाएं लाने में जुट गए हैं। पुरानी बस्ती स्थित प्राचीन मां महामाया मंदिर में 10 हजार 251 मनोकामना ज्योति कलश स्थापित किए गए हैं। पुजारियों के अनुसार पौराणिक परंपराओं का पालन करते हुए सुबह 11:46 से 12:24 बजे के बीच चकमक पत्थर की चिंगारी से सबसे पहले माता की प्रधान ज्योति जलाई जाएगी।

दिनभर शुभ मुहूर्त
महामाया मंदिर के पुजारी पं. मनोज शुक्ला ने बताया कि प्रतिपदायुक्त उदया द्वितिय तिथि से नवरात्रि पर्व प्रारंभ हो रहा है। बुधवार दिन होने से इस बार अभिजीत मुहूर्त पर मान्य है, इसलिए दिनभर घट स्थाना और प्रतिमा स्थापना का मुहूर्त है। पहले दिन माता के शैलपुत्री स्वरूप को अभिषेक पूजन कर आरती की जाएगी। नौ दिन तक श्रद्धालु व्रत रखकर माता की भक्ति में लीन रहेंगे। जसगीत, गरबा की धूम रहेगी।

कहां कितनी ज्योतियां जगमग
मां महामाया मंदिर - 10,251
बंजारी धाम - 8500
कालीमाता मंदिर - 3500
दंतेश्वरी माता मंदिर - 1600
कालीमाता मंदिर - 900
शीतला माता मंदिर - 950

नाव पर सवार होकर आ रही मां दुर्गा
पं शुक्ल के अनुसार सात दिनों में माता की अलग-अलग सवारियां हैं। नवरात्रि पर्व पर बुधवार होने से मां दुर्गा नवा में सवार होकर आ रही है। मां दुर्गा का आगमन सर्वसिद्धि और सर्वजन सुखाय के लिए होता है।