
रायपुर में नवरात्रि की धूम! घर-घर और मंदिरों में दीपों की रौनक, नौ दिन तक चलेगा उत्सव...(photo-patrika)
Navratri 2025: छत्तीसगढ़ के रायपुर में शक्ति उपासना का पर्व शारदीय नवरात्रि सोमवार से प्रारंभ हो रही है। अब नौ दिन तक शक्ति की भक्ति में शहर डूबने को तैयार है। जसगीत, जगराता की धूम के बीच देवी मंदिरों में मनोकामना ज्योति जगमग होगी। माता रानी के दरबार को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
प्रतिपदा तिथि पर अभिजीत मुहूर्त में घरों से लेकर देवी मंदिरों में आस्था दीपों से जगमग होगा। रविवार को दिनभर लोग तैयारियों में जुटे रहे। बाजेगाजे से अनेक रूपों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं लाने की धूम रही। झांकियां रोशन करने का काम पूरी रात चला।
राजधानी के प्राचीन महामाया मंदिर, कालीमाता, बंजारी माता मंदिर सहित शाम तक मनोकामना ज्योति के लिए पंजीयन जारी रहा। इसके बाद बंद कर दिया गया। घट स्थापना काम दिनभर चलता रहा। महामाया मंदिर में 11001 आस्था ज्योति प्रज्ज्वलित की जाएगी।
पूजा घरों को सजाने से लेकर बैंडबाजा की धूम के बीच उत्सव समितियां मां दुर्गा की प्रतिमाएं लाने में जुटी रहीं। शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक 10 दिन मातारानी की भक्ति से राजधानी का माहौल भक्तिमय रहेगा। मुय सड़कें शाम होते ही झांकियों के आसपास से लेकर रंगीन रोशनी से जगमगाने लगी हैं। पूजा पंडालों और झांकियों में शाम के समय आरती, पूजन कर मां शेरावाली से विराजने का आह्वान करेंगे।
प्राचीन मान्यता और विधान से राजराजेश्वरी महामाया मंदिर में 11001 मनोकामना ज्योति प्रज्ज्वलित की जाएगी। मंदिर व्यवस्थापक पं विजय कुमार झा ने बताया कि सोमवार को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11.36 से 12.24 के बीच है। चकमक पत्थर के टुकड़ों को रगड़ने से निकलने वाली चिंगारी से प्रमुख ज्योति कुंवारी कन्या के हाथों प्रज्ज्वलित कराई जाएगी।
महामाया मंदिर के अध्यक्ष व्यास नारायण तिवारी सचिव दुर्गा प्रसाद पाठक कोषाध्यक्ष सत्य नारायण अग्रवाल संपूर्ण व्यवस्था में लगे हुए हैं। मंदिर के आचार्य पं लालजी प्रसाद त्रिपाठी विधि विधान से पूजा पाठ कराएगें।
बंगाली काली पूजन उत्सव षष्ठी तिथि से प्रारंभ होगा। कालीबाडी में कोलकाता के कालीमाता मंदिर के स्वरूप में आकर्षक झांकी मुख्य प्रवेश द्वार पर बनाई गई है। यहां मां दुर्गा, लक्ष्मीजी, सरस्वती माता के साथ गणेश और कार्तिकेय की मूर्तियां तैयार की जा रही हैं। बंगाली दुर्गा पूजन का यह 93वां साल है।
महामाया मंदिर - 11001
कालीमाता मंदिर - 4500
बंजारी माता मंदिर - 8500
शीतला माता मंदिर - 1100
दंतेश्वरी माता - 2000
कंकाली माता मंदिर 900
Updated on:
22 Sept 2025 11:56 am
Published on:
22 Sept 2025 11:56 am
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