
Pariksha Pe Charcha 2025: छत्तीसगढ़ के रायपुर में बोर्ड परीक्षा के दौरान छात्रों को तनाव से मुक्ति दिलाने और संबंल देने के लिए सोमवार को परीक्षा पे चर्चा का 8वां संस्करण प्रसारण किया गया। इसमें रायपुर की युक्ता मुखी साहू की भी भागीदारी रही। रायपुर के मायाराम सुरजन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्कूल की 11वीं छात्रा युक्ता मुखी ने प्रधानमंत्री से पूछा- छोटी-छोटी जीत से खुश रहना कैसे सीखें?
हम बहुत जल्दी निगेटिव हो जाते हैं, तो पॉजिटिव रहना कैसे सीखें? इस पर पीएम ने जवाब दिया कि यह थोड़ा कठिन सवाल है, आप मुझे अनुभव बताइए। युक्ता ने अपना परिचय देते हुए कहा कि 10वीं में मैंने 95 फीसदी अंक चाहे थे, लेकिन मेरे 93 फीसदी अंक ही आए, तब मुझे 2 फीसदी अंक कम आने की निराशा हुई।
इस पर पीएम ने कहा - मैं इसे असफलता नहीं मानता, मेरे लिए यह सफलता है। यदि आपने 95 फीसदी पाने की उमीद से मेहनत की है तो आपको 93 मिले। अब 95 पाने के लिए आपको अपना टारगेट 97 या 98 फीसदी रखना चाहिए।
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नई दिल्ली में आयोजित परीक्षा पे चर्चा के 8वें संस्करण में देशभर के विभिन्न राज्यों के चुनिंदा 36 बच्चों ने हिस्सा लिया। इसमें रायपुर की युक्तामुखी साहू भी शामिल रहीं।
परीक्षा पे चर्चा सुनने आए मुयमंत्री ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि परीक्षा के समय उनका मनोबल बढ़ाएं। सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा बच्चों को छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करने, संतुलित आहार , भरपूर नींद लेने और मानसिक शांति बनाए रखने की सलाह देते हैं। इस वर्ष उन्होंने सूर्य स्नान के महत्व पर भी चर्चा की, जिससे विद्यार्थियों को शारीरिक और मानसिक स्फूर्ति प्राप्त होती है।
रायपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में परीक्षा पे चर्चा का लाइव प्रसारण किया गया। जिसमें मुयमंत्री विष्णुदेव साय समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी और 6वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राएं, परिजन और शिक्षक शामिल हुए। इस दौरान मुयमंत्री पीएम से सवाल करने वाली युक्तामुखी से मिले और उसका अनुभव पूछा। उसने बताया कि पीएम से मिलकर बहुत अच्छा लगा। प्रधानमंत्री सभी से मित्र के रूप में मिले। उन्होंने मनोबल बढ़ाया।
परीक्षा पे चर्चा में पीएम से बात करने के बाद युक्तामुखी ने पत्रिका को बताया कि प्रधानमंत्री बच्चों से मित्र की तरह मिले। उन्होंने हम लोगों को कई पॉजिटिव स्टोरी सुनाई और कहा कि छोटी-छोटी असफलता से दुखी और निराश होने की जरूरत नहीं होनी चाहिए, बल्कि हार को ताकत बनाना चाहिए। अगली बार और अधिक मेहनत से जीत से लिए प्रयास में जुटना चाहिए। युक्ता ने बताया कि पीएम से मिलने के बाद हमारा मनोबल और उत्साह बढ़ा है।
छोटी-छोटी जीत से खुश रहना कैसे सीखें?
रायपुर. रायपुर के मायाराम सुरजन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्कूल की 11वीं छात्रा युक्तामुखी साहू ने प्रधानमंत्री से पूछा कि छोटी-छोटी जीत से खुश रहना कैसे सीखें। हम बहुत जल्दी निगेटिव हो जाते हैं, तो पॉजिटिव रहना कैसे सीखें। पीएम ने जवाब दिया कि यह थोड़ा कठिन सवाल है आप मुझे अनुभव बताइए।
युक्ता ने कहा कि 10वीं में मैंने 95 फीसदी अंक चाहे थे, लेकिन मेरे 93 फीसदी अंक ही आए तो निराशा हुई। इस पर पीएम ने जवाब दिया कि मैं इसे असफलता नहीं मानता, मेरे लिए यह सफलता है। यदि आपने 95 फीसदी पाने की उम्मीद से मेहनत की है तो आपको 93 मिले। अब 95 पाने के लिए आपको अपना टारगेट 97 या 98 फीसदी रखना चाहिए।
Published on:
11 Feb 2025 11:47 am
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