
नई दिल्ली/रायपुर. डीजल-पेट्रोल की कीमतें बीते तीन साल में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तीन साल पहले के मुकाबले कच्चे तेल की कीमतें अब आधी (करीब 53 फीसदी) रह गई हैं। इस पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि पेट्रोलियम कंपनियों के मामले में सरकार दखल नहीं दे सकती।
अगस्त, 2014 के बाद मुंबई में तो पेट्रोल की कीमतें बुधवार को करीब 80 रुपए प्रति लीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। इसी तरह, कोलकाता और चेन्नई में बीते तीन सालों के उच्चतम स्तर पर डीजल की कीमतें पहुंच गईं, जहां उनकी कीमत क्रमश: 61.37 रुपए और 61.84 रुपए प्रति लीटर हो गई हैं।
पेट्रोल-डीजल के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी के पीछे तीन वर्षों के दौरान सरकार की ओर से पेट्रोल, डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कई गुना बढ़ाना भी बताया जा रहा है। उन्होंने रोजाना दाम तय करने की नीति का बचाव करते हुए कहा कि डायनॉमिक तेल कीमत निर्धारण प्रक्रिया उपभोक्ताओं के लिए बेहतर पारदर्शी मॉडल है। इसमें बदलाव नहीं किया जा सकता है। क्योंकि यह बाजार से जुड़ी हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों का वैश्विक आकलन करने के बाद इसे जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा।
सरकार की कमाई ऐसे बढ़ी
10 बार पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ चुकी है अप्रैल 2014 से जनवरी 2016 तक
9.48 रु./ली. से बढ़कर 21.48 रु./ली. हुई एक्साइज ड्यूटी पेट्रोल पर इस दौरान
3.56 रु./ली. से बढ़कर 17.33 रु./ली. हुई एक्साइज ड्यूटी डीजल पर इस दौरान
77,982 करोड़ पेट्रोल-डीजल पर एक्साइजसे कमाई 2013-14 में
2.42 लाख करोड़ कमाई हुई 2016-17 में एक्साइज ड्यूटी से
डेली डायनॉमिक प्राइसिंग से निराशा
इसी साल 16 जून से पूरे देश में डेली डायनॉमिक प्राइसिंग लागू की गई थी। इसके तहत अब रोज सुबह 6 बजे पेट्रोल-डीजल के दाम बदल जाते हैं।
Published on:
13 Sept 2017 11:48 pm
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