
अंबिकापुर/वाड्रफनगर/रायपुर. एक तरफ हरियाणा-पंजाब में जहां बाबा राम रहीम का प्रकरण शांत नहीं हुआ है वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के कंबल वाले बाबा सुर्खियों में हैं। वीआईपी लोग जब इस तरह के बाबा के शरण में जाते हैं तो आम जनता के प्रति भी ऐसे बाबाओं के मन में और भी श्रद्धा बढ़ जाती है। जी हां, एक ओर मेडिकल साइंस तरक्की के नए आयाम स्थापित कर रहा है और प्रदेश सरकार भी अंधविश्वास, जादू-टोने से दूर रहने का जागरूकता अभियान चला रही है। लेकिन छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री रामसेवक पैंकरा प्रदेश में अंधविश्वास को बढ़ावा देने का संदेश दे रहे हैं। सोमवार को वाड्रफनगर विकासखंड के दौरे पर आए गृहमंत्री गांव स्याही में हर बीमारी का कंबल ओढ़ाकर नि:शुल्क उपचार करने वाले कंबल बाबा के पास अपनी शुगर की बीमारी का इलाज कराने पहुंच गए।
कंबल ओढ़कर उपचार करते हैं ये बाबा
बाबा ने गृहमंत्री का कंबल ओढ़ाकर उपचार किया और प्रसाद के रूप में शक्कर भी दिया। बाबा ने मंत्री के साथ गए एक पीएओ और अन्य कर्मचारियों को प्रसाद दिया। हालांकि इस उपचार से गृहमंत्री का शुगर लेवल कितना कंट्रोल हुआ, इस बारे में तो खुद वे ही बता पाएंगे। सिर चढ़कर बोल रहा बाबा का जादू : जिले के स्याही व पंडरी गांव में बीते ३ सप्ताह से कंबल वाले बाबा के पास छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार से हजारों की संख्या में लोग अपनी बीमारियों का इलाज कराने पहुंच रहे हैं। दावा है कि बाबा कंबल ओढ़ाकर असाध्य रोगों का उपचार करता है। बाबा के पास शुगर रोग का एकदम सटीक उपचार है। इसलिए सबसे अधिक शुगर के ही रोगी यहां उपचार कराने पहुंच रहे हैं। अंबिकापुर मुख्यालय पर मेडिकल कालेज के अलावा कई अस्पताल भी हैं।
नि:शुल्क उपचार करते हैं तो बुराई क्या है
मैंने बाबा के बारे में बहुत सुना था इसलिए अपनी शुगर का इलाज कराने चला गया। बाबा नि:शुल्क उपचार करते हैं। बाबा कोई शुल्क नहीं लेते तो इसमें बुराई क्या है।
रामसेवक पैंकरा, गृहमंत्री
Published on:
13 Sep 2017, 11:04 AM IST
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