
स्टेशन में इमरजेंसी में न एंबुलेंस और न स्टॉफ (फोटो सोर्स- पत्रिका)
रायपुर@हिमांशु शर्मा। Raipur Railway Station: छत्तीसगढ़ की राजधानी के रेलवे स्टेशन में इमरजेंसी में स्वास्थ्य सेवा मिल पाना बड़ा मुश्किल है। यहां रोजाना 80 हजार से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने राज्य सरकार के सहयोग से एंबुलेंस सेवा शुरू की थी, लेकिन यह योजना एक बार फिर फेल साबित हुई है।
योजना के तहत स्टेशन पर 24 घंटे एंबुलेंस और दो मेडिकल स्टॉफ की तैनाती का दावा किया था। इसके लिए वीआईपी गेट के पास एंबुलेंस खड़ी करने के लिए जगह भी दी गई और वीआईपी गेट के पास, एटीवीएम के बगल में स्टॉफ को रूम भी दिया गया। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। मौके पर न तो एंबुलेंस दिखी और न ही कोई मेडिकल स्टॉफ मौजूद था। वहीं, रूम में ताला लटका हुआ मिला।
दरअसल, हफ्तेभर पहले रेलवे और राज्य शासन के बीच एंबुलेंस और मेडिकल स्टॉफ को लेकर चर्चा हुई। जिसके बाद सुविधा शुरू हुई थी। लेकिन हालात यह हैं कि सुबह के समय एक-दो दिन 108 की एंबुलेंस खड़ी रही, फिर गायब हो जाती है। वहीं मेडिकल स्टॉफ का अता-पता नहीं है।
स्टेशन में आएदिन हादसे होते रहते हैं। भीड़ के कारण कभी यात्री के गिरने, ट्रेन से उतरते-चढ़ते चोट लगने और बुजुर्ग यात्रियों की तबीयत बिगड़ने की घटनाएं आम हैं। ऐसे में समय पर एंबुलेंस न मिलने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्टेशन में कई घटनाएं हो चुकी हैं। वहीं, अस्पताल से एंबुलेंस और डॉक्टर आने में ही आधा घंटे का वक्त लग गया।
केस 1- रायपुर स्टेशन में महिला का प्रसव
19 जून को स्टेशन में एक घटना ने सबको झकझोर दिया था। बिहार जा रही गर्भवती महिला को दर्द उठा। ट्रेन के रायपुर स्टेशन पहुंचने पर चादर का घेरा बनाकर प्लेटफॉर्म में ही उसका प्रसव कराना पड़ा था। इस दौरान बच्चे की मृत्यु हो चुकी थी। स्टेशन में कोई मेडिकल स्टाॅफ व एंबुलेंस समय पर नहीं होने के कारण सूचना देकर डॉक्टर को बुलाया गया, काफी देर होने के कारण स्टेशन में भी प्रसव कराया गया था।
केस 2- तीन घंटे तक बेसुध पड़ी रही महिला
मार्च में प्लेटफॉर्म-1 के गेट क्रमांक-2 पर एक महिला करीब तीन घंटे तक बेसुध पड़ी रही है। इस दौरान उसे ना एंबुलेंस की सुविधा मिली और ना ही किसी मेडिकल स्टॉफ की, क्योंकि दोनों ही वहां मौजूद नहीं थे। रेलवे अधिकारी को सूचना देने के बाद एंबुलेंस को बुलाया गया। जबतक सफाईकर्मी महिला को पानी पिलाकर, उसका पता पूछती रही। एंबुलेंस आने के बाद महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
रेलवे ने दावा किया था कि स्टेशन में 24 घंटे एबुलेंस और मेडिकल की सुविधा मिलेगी। लेकिन सारे दावे झूठे साबित हुए। इस तरह के कई मामले पहले भी हो चुके हैं, जिसके कारण यात्रियों को काफी समस्या का सामना करना पड़ा और उनकी तबीयत ज्यादा गंभीर हो गई। इससे पहले भी मंदिर के पास एंबुलेंस के लिए जगह दी गई थी, लेकिन कुछ दिन बाद ही एंबुलेंस नदारत हो गई।
डॉ. सुस्कर विपुल विलासराव, सीनियर डीसीएम रायपुर के मुताबिक, राज्य सरकार ने एंबुलेंस के लिए जगह मांगी थी, जो हमने वीआईपी गेट में दे दी है। दो स्टॉफ के लिए रूम दिया गया है। यदि वे नहीं आ रहे हैं, तो राज्य सरकार को बताया जाएगा।
Updated on:
30 Aug 2026 04:31 pm
Published on:
30 Aug 2026 04:31 pm
