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महादेव घाट जैसा खारुन में एक और स्पॉट, लक्ष्मण झूला भी बनेगा

यह ऐसी जगह है, जहां हर साल महाशिवरात्रि पर्व (Mahashivratri festival) पर आसपास के दर्जनों गांवों के लोग जुटते हैं। खासियत, महादेवघाट जैसी है।

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खारून नदी के महा देवघाट पर बने लक्ष्मण झूला

खारून नदी के महा देवघाट पर बने लक्ष्मण झूला

रायपुर। राजधानी के महादेव घाट (Raipur Mahadev Ghat) जैसा ही जीवन रेखा खारुन नदी के एक और तट पर धार्मिक स्थल के रूप में विकसित होने जा रहा है। यह ऐसी जगह है, जहां हर साल महाशिवरात्रि पर्व पर आसपास के दर्जनों गांवों के लोग जुटते हैं। खासियत, महादेवघाट जैसी है।

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खारुन नदी के बीच में 100 साल पुराना मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र हैं। अभी इस धार्मिक स्थान की देखरेख निषाद समाज के बारहपाली के लोग करते हैं। उस स्थान पर अब महादेवघाट की तरह ही लक्ष्मण झूले का भी हजारों श्रद्धालु आनंद ले सकेंगे।

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यह स्थान महादेवघाट से करीब 25 किमी दूर है। पुन्नी मेला हो महाशिवरात्रि का पर्व। आसपास के गांवों से लोग नदी पार कर भगवान शिव का अभिषेक पूजन करने पहुंचते हैं। परंतु अब वह स्थान धार्मिक स्थल के रूप में होगा, जो पाटन क्षेत्र से 5 किमी दूर खारुन नदी में ठकुराइन टोला के नाम से जाना जाता है। यहां का स्थान महादेवघाट जैसा सौंदर्यीकरण, टाइटिंग से सुंदर दिखेगा। यह प्लान बना रहा है सिंचाई विभाग। अफसरों के अनुसार प्रक्रिया तेजी से चल रही है। एजेंसी तय होने पर काम भी शुरू हो जाएगा। यह काम दुर्ग डिवीजन कराएगा।

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निषाद समाज ने आपस में फंड जुटाकर संवारा मंदिर

छत्तीसगढ़ निषाद समाज बारहपाली के लोगों का ठकुराइनटोला में शिवमंदिर के जीर्णोद्धार में बड़ा योगदान रहा है। समाज के रायपुर राज के कोषाध्यक्ष पुनारद निषाद बताते हैं कि पहले वहां एक छोटा सा शिव मंदिर था, तब भी समाज के लोग हर साल महाशिवरात्रि पर जुटते थे। फिर उस स्थान को आपस में फंड एकत्रित करके काफी विकसित किया है। उस धार्मिक् स्थान से समाज के बारहपारा के लोगों की आस्था जुड़ी है। वह स्थान विकसित होने से सैकड़ों गांवों के लोगों को सुविधा होगी।

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प्लेटफार्म सहित 200 मीटर लंबा होगा लक्ष्मण झूला

महादेवघाट में प्लेटफार्म सहित झूले की लंबाई 152 मीटर है और नदी के दायरे में लक्ष्मण झूला 110 मीटर हैं। जिसमें आसानी से 500 लोग महादेवघाट से अमलेश्वर तरफ खारुनेश्वर महादेव का दर्शन जाते हैं और उधर के लोग महादेवघाट में आसानी से पहुंचते हैं। धार्मिक स्थल के रूप में विकसित हो चुके महादेवघाट में लोगों के लिए लक्ष्मण झूला रोमांचित करने वाला होता है। परंतु ठकुराइन टोला के पास खारुन नदी में जो लक्ष्मण झूला बनेगा वह करीब 200 मीटर होगा।