
52 लाख से ज्यादा का घोटाला, आरोपियों की नहीं हुई अरेस्टिंग
रायपुर। Chhattisgarh News: मौदहापारा इलाके में स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में लाखों का घोटाला करने वालों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है। बताया जाता है कि आरोपियों ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में आवेदन लगा दिया है। पुलिस तीनों में से एक भी आरोपी को पकड़ नहीं पाई है।
पुलिस के मुताबिक जिला सहकारी बैंक में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर में वर्ष 2017 से लेकर 2021 के बीच कई एफडी खातों के ब्याज में घोटाला किया गया। 100 से ज्यादा एफडी खातों के ब्याज की राशि को अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद पूरी राशि को हड़प लिया गया। अब तक जांच में 52 लाख रुपए के घोटाले का मामला सामने आया है। मामला उजागर हुआ, तो बैंक अधिकारियों ने जांच की। इसमें कनिष्ठ लिपिक चंद्रशेखर डग्गर, पूर्व सहायक लेखापाल संजय कुमार शर्मा और सहायक लेखापाल अरुण कुमार बैसवाड़े के खिलाफ मौदहापारा थाने में धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। आरोपी बैसवाड़े वर्ष 2021 में सेवानिवृत्त भी हो चुका है।
गिरफ्तारी हुई नहीं, हाईकोर्ट पहुंचे आरोपी
आरोपियों के खिलाफ करीब एक माह पहले पुलिस ने अपराध दर्ज किया था। लेकिन आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इस बीच आरोपियों ने हाईकोर्ट से जमानत के लिए अर्जी लगा दी है। इसके बाद पुलिस ने केस डायरी हाईकोर्ट भेज दिया है। सूत्रों के मुताबिक आरोपियों को अग्रिम जमानत मिल जाएगी।
सेवानिवृत्ति के बाद भी था आना-जाना
सेवानिवृत्त होने के बाद भी आरोपी बैसवाड़े कई बार आफिस आया करता था। कंप्यूटर का इस्तेमाल करते थे। बैसवाड़े की बातचीत भी काफी देर तक दूसरे दोनों आरोपियों संजय शर्मा और चंद्रशेखर से होती थी।
Published on:
10 Nov 2023 12:17 pm
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