
Chhattisgarh News: डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में दो मरीज ऐसे हैं, जो लंबे समय से भर्ती है। इनमें एक मरीज रामनगर का रहने वाला है, वहीं दूसरा अज्ञात है। जो मरीज रामनगर का है, उनके परिजन उन्हें घर ले जाने तैयार नहीं है। जबकि वह पिछले साल अगस्त से भर्ती है।
यानी 8 माह से अस्पताल में है। उन्हें रीढ़ की हड्डी में समस्या थी, जो ठीक हो गई है। अस्पताल प्रबंधन बार-बार परिजनों को फोन कर मरीज को ले जाने का अनुरोध करता है, लेकिन परिजन खरी खोटी सुनाकर फोन काट देते हैं। दूसरा मरीज तीन माह से भर्ती है। उनके सिर में चोट थी। वह भी ठीक हो गया है, लेकिन उन्हें कहां भेजें, प्रबंधन समझ नहीं पा रहा है।
बढ़ते मरीजों के कारण वैसे भी डीकेएस के न्यूरो सर्जरी विभाग में बेड खाली नहीं रहता। दोनों मरीजों के कारण दो बेड रिजर्व हो गए हैं। इस कारण दूसरे मरीजों को बेड नहीं मिल रहा है। जिस मरीज के सिर पर चोट थी, उन्हें बुधवार को आंबेडकर अस्पताल भेजा गया है ताकि यहां एक बेड खाली हो। वहीं 8 माह से भर्ती मरीज को लेकर प्रबंधन उहापोह की स्थिति में है। रामनगर के इस मरीज का नाम लक्ष्मीनारायण यादव है। डॉक्टरों के अनुसार इतने लंबे समय तक कोई भी मरीज डीकेएस में भर्ती नहीं रहा। परिजन होते हुए भी वे मरीज को परिवार के अनुपयोगी बताते हुए ले जाने से इंकार कर रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन मरीज को जबरदस्ती घर भी नहीं पहुंचा सकता। इसलिए अस्पताल में ही उन्हें नि:शुल्क भोजन भी उपलब्ध करा रहा है। इलाज से वह ठीक हो गया है, इसलिए उन्हें अब दवा की जरूरत नहीं है। न्यूरो सर्जरी विभाग दोनों मरीजों को डिस्चार्ज करने संबंधी पत्र लगातार लिख रहा है। इसलिए एक मरीज को आंबेडकर अस्पताल भेजा गया है। अज्ञात मरीजों को कहीं भेजने की व्यवस्था भी नहीं है।
दो मरीज लंबे समय से भर्ती हैं इसलिए एक को आंबेडकर अस्पताल भेजा गया है। न्यूरो सर्जरी विभाग में बेड की समस्या है। इस कारण ऐसा किया गया है। परिजन मरीज को ले जाने के लिए भी तैयार नहीं है। इस कारण समस्या बढ़ रही है। - डॉ. हेमंत शर्मा, उप अधीक्षक डीकेएस अस्पताल
Published on:
14 Mar 2024 11:14 am
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