
CG Board Paper Leak (photo source- Patrika)
CG Board Paper Leak: छत्तीसगढ़ में कक्षा 12वीं हिंदी विषय के पेपर लीक मामले ने तूल पकड़ लिया है और अब पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी पर इनाम घोषित कर दिया है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित परीक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मामले में आरोपी 14 मार्च से लगातार फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सेंट्रल जोन के डिप्टी कमिश्नरेट ऑफ पुलिस उमेश गुप्ता ने आरोपी वेणु जंघेल की गिरफ्तारी या उसकी जानकारी देने वाले को 5,000 रुपये का नगद इनाम देने की घोषणा की है।
दरअसल, पहले जारी टाइम टेबल के अनुसार 12वीं की हिंदी परीक्षा 14 मार्च को आयोजित की गई थी। लेकिन परीक्षा के बाद सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुप्स में पेपर से जुड़े सवाल वायरल होने का दावा किया गया। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई और 23 मार्च को बोर्ड ने परीक्षा को रद्द करते हुए नई तारीख घोषित कर दी। बाद में 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई।
जांच के दौरान सामने आया कि इस पूरे मामले में वेणु जंघेल नामक आरोपी की भूमिका संदिग्ध है, जो फिलहाल फरार चल रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा है। ऐसे में उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम की घोषणा की गई है, ताकि आम नागरिक भी सूचना देकर पुलिस की मदद कर सकें। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी का खुलेआम घूमना समाज के लिए खतरा बन सकता है, इसलिए उसकी जल्द गिरफ्तारी जरूरी है।
इस पूरे मामले को लेकर छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया ने भी कड़ा विरोध जताया था। संगठन का दावा था कि परीक्षा से पहले ही कुछ सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। इसी को आधार बनाकर NSUI ने बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सिटी कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इसके बाद साइबर सेल को जांच सौंपी गई है, जो यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक कैसे हुआ और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
अब पुलिस का पूरा फोकस फरार आरोपी की गिरफ्तारी पर है। इनाम की घोषणा के बाद उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही आरोपी तक पहुंच बनाई जा सकेगी। वहीं, इस घटना ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला सिर्फ एक पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। ऐसे में प्रशासन और बोर्ड दोनों पर दबाव है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
Published on:
29 Apr 2026 02:33 pm
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