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छत्तीसगढ़ में दो प्रांतों में बंटेगा RSS, जेन-जी तक पहुंच बढ़ाने का नया प्लान, जानें क्या बदलेगा?

RSS New Plan: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की तैयारी कर रहा है। संगठन का कामकाज बिलासपुर और रायपुर दो प्रांतों में बांटने, अलग-अलग प्रांत प्रचारक नियुक्त करने और जेन-जी तक पहुंच बढ़ाने के लिए शाखाओं के विस्तार पर जोर दिया जाएगा।
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रायपुर

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Khyati Parihar

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संतराम साहू

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Oct 14, 2026

Chhattisgarh News

दो प्रांतों में बंटेगा RSS (फोटो सोर्स- AI)

रायपुर@संतराम साहू। RSS Chhattisgarh: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियों के विस्तार और युवाओं तक अपनी पहुंच बढ़ाने की दिशा में काम करने की तैयारी में है। अधिक से अधिक शाखाएं शुरू कर युवाओं को संघ से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। संगठन के कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए छत्तीसगढ़ को बिलासपुर और रायपुर दो प्रांतों में विभाजित किए जाएंगे। दोनों प्रांतों के लिए अलग-अलग प्रांत प्रचारक होंगे।

बिलासपुर वाले प्रांत में जशपुर, बलरामपुर, रायगढ़, मनेंद्रगढ़, चिरमिरी तक का एरिया कवर किया जाएगा। जबकि रायपुर प्रांत में मध्य छत्तीसगढ़ और दक्षिण छत्तीसगढ़ का एरिया रहेगा। यह जानकारी संघ के एक बड़े पदाधिकारी ने अनौपचारिक चर्चा के दौरान दी।

अगले साल जनवरी से नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी

संघ की इस नई व्यवस्था को संगठनात्मक विस्तार और स्थानीय स्तर पर गतिविधियों को गति देने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। प्रांतों का विभाजन होने से क्षेत्रवार जिम्मेदारियां तय करने, शाखाओं के विस्तार और स्वयंसेवकों के बीच समन्वय बनाने में मदद मिल सकती है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में 34 जिलों के 1,643 स्थानों पर आरएसएस की 2,188 शाखाएं संचालित हो रही हैं। जनवरी 2027 से नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी और रायपुर में लगभग 300 नए स्थानों पर शाखाएं शुरू करने का लक्ष्य बताया गया है।।

शाखाओं के विस्तार पर रहेगा जोर

संघ की कार्यपद्धति में शाखाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। शाखाओं के माध्यम से स्वयंसेवकों का नियमित संपर्क, शारीरिक गतिविधियां, बौद्धिक चर्चा और संगठनात्मक प्रशिक्षण संचालित किया जाता है। अधिक से अधिक शाखाएं शुरू करने पर जोर दिए जाने से युवाओं को इन गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

जेन-जी तक पहुंच बनाने की चुनौती

नई पीढ़ी तक पहुंच बनाना सामाजिक संगठनों के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती है। डिजिटल माध्यमों, बदलती जीवनशैली और युवाओं की बदलती प्राथमिकताओं के बीच उनसे संवाद के प्रभावी तरीके विकसित करना जरूरी हो गया है। ऐसे में संघ की गतिविधियों के विस्तार और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की पहल को जेन-जी तक पहुंच बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा सकता है।

दो प्रांतों से क्षेत्रीय कामकाज को मिलेगी दिशा

छत्तीसगढ़ को बिलासपुर और रायपुर प्रांत में विभाजित करने की व्यवस्था के तहत दोनों क्षेत्रों में अलग-अलग प्रांत प्रचारक संगठनात्मक गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालेंगे। इससे क्षेत्रीय स्तर पर योजना बनाने, शाखाओं की निगरानी और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय को अधिक व्यवस्थित करने का अवसर मिल सकता है।

प्रचार-प्रसार पर भी जोर

जानकारी के अनुसार अब संघ सोशल मीडिया में संघ के कार्यों और गतिविधियों को ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार पर जोर देगा। इसके लिए संघ ने अलग से एक सोशल मीडिया विंग भी तैयार किया है। प्रांत मुख्यालय में पॉडकॉस्ट और सोशल मीडिया टीम भी तैनात की जा रही है।