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धमतरी के बाद जांजगीर में दोहराई वारदात, प्रहरी को चकमा देकर भागा बंदी… पेट दर्द का बहाना बना था अस्पताल में भर्ती

Janjgir Champa News: जिला अस्पताल में भर्ती विचाराधीन बंदी शनिवार सुबह सुरक्षा में तैनात प्रहरी को चकमा देकर फरार हो गया। प्रहरी वार्ड में बंदी को अकेला छोड़कर दवा लेने चला गया। इसी दौरान हथकड़ी ढीलीकर बंदी फरार हो गया।

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बंदी फरार (फोटो सोर्स- पत्रिका)

बंदी फरार (फोटो सोर्स- पत्रिका)

CG News: जिला अस्पताल में भर्ती विचाराधीन बंदी शनिवार सुबह सुरक्षा में तैनात प्रहरी को चकमा देकर फरार हो गया। प्रहरी वार्ड में बंदी को अकेला छोड़कर दवा लेने चला गया। इसी दौरान हथकड़ी ढीलीकर बंदी फरार हो गया। विचाराधीन बंदी धोखाधड़ी के आरोप में जेल में बंद था। पेट में दर्द की वजह से शुक्रवार को ही जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। पुलिस की टीम उनके ठिकाने में तलाश कर रही है। देर रात तक उसका कहीं कोई पता नहीं चल सका है।

जिला जेल के जेलर के अनुसार, थाना नवागढ़ में धोखाधड़ी मामले में आरोपी पंचराम निषाद उर्फ पंचू पिता गणेश राम निषाद (37) निवासी चंदेरी थाना चंद्रपुर हाल मुकाम संतोषी मंदिर के पास सरायपाली जिला महासमुंद को बीते कुछ दिन पहले गिरफ्तार न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। जो जिला जेल में निरुद्ध था। जिसको जेल प्रहरियों के द्वारा खोखरा जेल से हाथ में फ्रैक्चर होने के कारण इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिला अस्पताल में पेट दर्द का बहाना बनाया, इसलिए उसे भर्ती कर लिया गया। जहां उसका इलाज किया जा रहा था।

इसी दौरान शनिवार की सुबह करीब 10 बजे सुरक्षा में तैनात प्रहरी भुवनेश्वर पैकरा को चकमा देकर फरार हो गया। डॉक्टर के दवा लिखने के बाद प्रहरी दवा लेने गया था। इसी दौरान हथकड़ी को ढीली कर बंदी पंचराम फरार हो गया। प्रहरी ने अपने हिसाब से जिला अस्पताल के आसपास खोजबीन की गई। साथ ही अस्पताल के बाहर जाकर देखा लेकिन बंदी का कही पता नहीं चल पाया। इसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी तत्काल जिला जेलर को दी। पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई। इसके बाद तत्काल एसपी ने एक टीम गठित उसके घर सहित अन्य ठिकानों पर भेजा गया।

टीम द्वारा जाकर दबिश भी दी गई। लेकिन देर रात तक उसका कहीं अता-पता नहीं चल सका है। ज्ञात हो कि विचाराधीन बंदी इसके पहले भी हाथ में फ्रैक्चर का इलाज कराकर जिला अस्पताल से वापस आ गया था, लेकिन उस समय अपने मंसूबे पर कामयाब नहीं हो पाया था। दूसरी बार वह जिला अस्पताल से भागने में कामयाब हो गया। जेल प्रबंधन का कहना है कि उसकी तलाश जारी है, बंदी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

सुरक्षा में तैनात प्रहरी निलंबित

विचाराधीन बंदी के सुरक्षा में दो प्रहरी की ड्यूटी लगाई थी। इसमें ड्यूटी अलग-अलग टाइम में सुबह से शाम लगाई गई थी। जिस समय विचाराधीन बंदी फरार हुआ। उस समय प्रहरी भुवनेश्वर पैकरा ड्यूटी में तैनात था। इसको ड्यूटी में लापरवाही बरतने के कारण जिला जेलर द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

पांच जिलों में 20 चोरी का है आरोप

विचाराधीन बंदी मूलत: रायपुर जिले के चंदली थाना चंद्रपुर का निवासी है। पुलिस ने 28 अक्टूबर को आरोपी को गिरफ्तार किया था। बिर्रा के ग्राम नकटीडीह, थाना नवागढ़ के ग्राम राछाभांठा में सिलसिलेवार क्षतिग्रस्त एवं नए मकान को देखकर योजना बनाकर कम दाम में छड़, सीमेंर्ट, इंट बेचने के प्रलोभन देकर चालाकी से घटना को अंजाम देता था। जिले में 3 सहित अन्य जिला दुर्ग, बलौदा बजार, धमतरी, बालोद में भी 17 जगहों पर लोगों को ठगी एवं चोरी की घटना को अंजाम दिया जा चुका है।

सालभर पहले भी धमतरी में प्रहरी को चकमा देकर भागा था आरोपी

बताया जा रहा पंचराम निषाद बहुत शातिर है। चोरी व धोखाधड़ी के कई मामले इसके खिलाफ धमतरी जिले में भी दर्ज है। 24 नवंबर 2024 को अर्जुनी जेल में बंद विचाराधीन बंदी पंचराम पेट में दर्द होने बहाना बनाकर जिला अस्पताल पहुंचा था। जहां लघुशंका जाने की इच्छा जाहिर की, हाथ में हथकड़ी बंधा था, चाबी प्रहरी के जेब में थी, बिना चाबी हथकड़ी खोलकर फरार हो गया था। जांजगीर में भी पेट दर्द का बहना बनाया।

जिला अस्पताल में भर्ती विचाराधीन बंदी जिला अस्पताल से भागने में कामयाब हो गया है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर सुरक्षा में तैनात प्रहरी को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही आगे की जांच की जा रही है। इसके अलावा विचाराधीन बंदी के ठिकानों पर जाकर तलाश कर रहे हैं। जल्द ही विचाराधीन बंदी को पकड़ लिया जाएगा। - डीडी टोंडेर, जेलर, जिला जेल