
Raipur: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 2 सितंबर को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज युवाओं को जो डिग्रियां मिल रही हैं और कल इससे कहीं अधिक मूल्यवान जिम्मेदारी सौंपी जाएगी- भारत की जनता का स्वास्थ्य, विश्वास और जीवन।
उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर की स्थापना 2012 में हैल्थकेयर, मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च के क्षेत्र में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने के लिए की गई थी, खासकर भारत के मध्य हिस्से में। बहुत कम समय में ही यह एक बड़ाटर्शियरी केयर संस्थान बन गया है, जो छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों में ग्रामीण और मुख्य रूप से आदिवासी समुदायों की सेवा कर रहा है। एम्स रायपुर का विकास छत्तीसगढ़ और पूरे देश में हो रहे ज़बरदस्त बदलाव की भी एक झलक है।
राधाकृष्णन ने कहा कि दशकों से चले आ रहे नक्सली खतरे का अंत हो गया है। छत्तीसगढ़ आज अपने अतीत के अंधकार से निकलकर समृद्धि, विकास और प्रगति के एक नए युग की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने इस परिवर्तन का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रणनीतिक संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रतिबद्ध नेतृत्व को दिया।
एम्स रायपुर के दीक्षांत समारोह में 376 महिलाओं और 313 पुरुषों को डिग्री प्रदाय की गई। उपराष्ट्रपति ने मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक और प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए।
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Updated on:
03 Sept 2026 02:33 am
Published on:
03 Sept 2026 02:33 am
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