
electricity company
Mp news: एमपी के ब्यावरा में बिजली कंपनी के वसूली अभियान के तहत आगामी गर्मी के दिनों में 100 फीसदी बकाया वाले गांवों के कनेक्शन को फिर से काटा जाएगा। साथ ही जिन गांवों में कम बकाया है या जो लोग जमा कर रहे हैं उन्हें छोड़ बाकियों के कनेक्शन भी काटे जाएंगे। दोबारा जोड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, करोड़ों रुपए की बकाया राशि वसूलने के लिए बिजली कंपनी ने सख्ती की है। गांव, शहरी क्षेत्र के घरेलू, पम्प और व्यवसायिक सभी प्रकार के कनेक्शनों की जांच की जा रही है। कंपनी ने अपने एसई, डीई, जेई को वसूली का जिम्मा दिया है, जिसकी मॉनीटरिंग हर दिन की जा रही है।
हालांकि बिजली कंपनी की इस सख्ती से कई गांवों निवासरत पढ़ाई करने वाले बच्चों की फजीहत हो गई। कई किसानों की सिंचाई प्रभावित हो गई है। बता दें कि हाल ही में बिजली कंपनी सुठालिया के 130, मलावर के 19 गांवों के अलावा पूरे जिले के अलग-अलग हिस्सों में ऐसे गांव जहां बिल्कुल ही बिल जमा नहीं किए गए उन्हें काट दिया था। साथ ही कई गांवों को नोटिस दे रखे हैं, उन्हें परीक्षा के सीजन के बाद काटने की तैयारी है। हालांकि वर्तमान में अधिकतर गांवों में बिजली सप्लाई चालू करवाई गई है लेकिन यह अस्थाई व्यवस्था है। फिर से कंपनी सख्ती कर सकती है।
बिजली कंपनी ने एक और अभियान शुरू किया है, जिसके तहत प्रत्येक घर (कनेक्शन) में मीटर लगना अनिवार्य किया है। यह व्यवस्था शहरों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में भी लागू रहेगी। इसके अलावा अत्यधिक लोड वाले ट्रांसफॉर्मर भी चिह्नित किए जा रहे हैं। इसके तहत घरों में लगने वाले अधिक लोड के हीटर, रॉड और अन्य बिजली उपकरणों की भी जांच की जाएगी। या तो उन्हें बंद करना होगा या मीटर पर आने वाली रीडिंग के हिसाब से बिल देना होगा।
कोरोना काल में बढ़े हुए बिजली बिलों पर लगने वाला एरियर भी बिजली कंपनी ने माफ नहीं किया है। वहीं, चुनावी सीजन के दौरान भी जो सरचार्ज जुड़कर आ रहा था, उसे माफ करने की बात कंपनी के अफसरों ने कही थी, लेकिन इस संबंध में कोई बात नहीं कर रहा है। जिससे आम उपभोक्ता पर दोहरी मार यहां पड़ी है। जिन पर अत्यधिक भार एरियर और सरचार्ज का है, वे अब मौजूदा बिल के साथ जमा नहीं कर पा रहे हैं। जिससे उन्हें दिक्कतें हो रही हैं। कंपनी का तर्क है कि कोरोना काल में एरियर को उसी समय के अगले दो- तीन माह में जमा करने को कहा था, चुनावी सीजन का सरचार्ज माफ करने के निर्देश फिलहाल नहीं मिले हैं।
100 फीसदी बकाया वाले गांव ही हमने काटे हैं, जहां की कुछ राशि जमा हैं वहां उन्हीं के कनेक्शन काट रहे हैं जिनके बिल बकाया हैं। जो नियमित बिल जमा कर रहे हैं उन्हें हम परेशान नहीं कर रहे। बकाया बिल तो देना ही होगा। शासन स्तर पर ही वसूली के लिए निर्देश हैं। परीक्षा के दौर है, इसके बाद फिर से बकायादारों पर कार्रवाई यथावत तरीके से शुरू की जाएगी। -एसके खरे, एसई, बिजली, राजगढ़
वसूली की सख्ती के बीच बिजली कंपनी ने किसानों के लिए एक योजना शुरू की है। जिसके तहत महज पांच रुपए में उन्हें परमानेंट कनेक्शन मिल जाएगा। यानी अभी उन्हें राशि जमा करने की जरूरत नहीं होगी, संबंधित लाइनमैन को पांच रुपए देकर दस्तावेज जमा कर कनेक्शन चालू कराया जा सकेगा।
इससे पहले ऑनलाइन पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करना होता था, कनेक्शन चार्ज, सुरक्षा निधि, पंजीयन शुल्क भी देना होता था। अब पंजीयन शुल्क करीब 1500 रुपए माफ कर दिए गए हैं। वहीं, सुरक्षा निधि 1200 रुपए प्रति एचपी के हिसाब से अगले माह के बिजली बिल में जुड़कर दी जाएगी। पहले सभी प्रकार के शुल्क जमा करना होते थे, तभी कनेक्शन होता था।
Updated on:
10 Mar 2025 03:41 pm
Published on:
10 Mar 2025 03:41 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
