10 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

यहां भी आफत की बारिशः राजगढ़, ब्यावरा और नरसिंहगढ़ में पानी ही पानी

flood in rajgarh- राजगढ़ जिले में 72 घंटों से जारी है बारिश का दौर...। डैम का पानी छोड़ने से भी बढ़ गई आफत...।

2 min read
Google source verification
rajgarh.jpg

राजगढ़। जिले के सबसे बड़े डैम मोहनपुरा में 17 गेट में से 14 गेट खोले गए। खास बात यह है कि इनमें छह गेट को 6 मीटर तक खोला गया था। इसके अलावा अन्य गेट को चार मीटर तक खोला था। इससे निचले क्षेत्रों में काफी तेजी से पानी पहुंचा। इसको देखते ही देखते राजगढ़ में छोटे पुल से ऊपर पानी जाता हुआ, सीधा पुराने बस स्टैंड घूम घाटी बांसवाड़ा आदि में भर गया। यहां कई मकानों और दुकानों को खाली कराया गया है। मोहनपुरा डैम के साथ ही जीरापुर के कुंडालिया डैम में भी सभी 11 गेट को खोला गया है। कुंडालिया से भी भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। बताया जा रहा है कि अभी भी मौसम सक्रिय है, ऐसे में यहां कई तरह की व्यवस्थाएं बनाना अनिवार्य है।

पिछले 24 घंटे में 178 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। जबकि जिले की औसत बारिश 1107 की तुलना में लगातार 72 घंटे से चल रही बारिश ने यह आंकड़ा पार करते हुए 1260 मिलीमीटर बारिश पहुंच गया है। जो अगस्त माह में इससे पहले वर्ष 2007 के बाद अब पहुंचा है, उम्मीद जताई जा रही है की वार्षिक बारिश के आंकड़े इससे कई ज्यादा पहुंच सकते हैं। बारिश की बात करें तो इस साल सबसे ज्यादा बारिश ब्यावरा में 1525 मिलीमीटर और नरसिंहगढ़ में 1521 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। सारंगपुर में सबसे कम 923 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। पिछले साल की जहां तक बात करें तो इस अवधि में मात्र 890 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी।

राजगढ़ से लेकर नरसिंहगढ़ तक पानी ही पानी

राजगढ़ जिले की पार्वती कालीसिंध, नेवज और अजनार समेत गढ़गंगा नदी उफान पर है। इस कारण निचली बस्तियों में पानी भर गया है। जिले में अगस्त में ही औसत से 150 मिमी अधिक बारिश हो चुकी है। राजगढ़ जिले का जनजीवन प्रभावित हुआ है।

नेवज ने लांघा पुराना बड़ा पुल

मोहनपुरा डैम से सुबह 14 गेट खोलते हुए 5350 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, लेकिन पानी की आवक लगातार बनी हुई थी। यही कारण है कि शाम के समय एक बार फिर 14 गेट खोले गए। गेट 3 मीटर से 6 मीटर तक खोले गए, इस कारण इसका पानी पुराने बड़े पुल को भी पार कर गया। शहर के कईघरों में पानी भर गया। इससे पहले 2013 में और उससे पहले 2007 और 1996 में नेवज नदी ने इस पुल को पार किया था।

नरसिंहगढ़ में पानी ही पानी

इधर, नरसिंहगढ़ में भी पूरे शहर में पानी ही पानी हो गया था। निचली मंजिल पर रहने वाले ज्यादातर घर और दुकानों में पानी घुस गया। सब्जी मंडी, मुख्य बाजार, जामा मस्जिद, नेहरू पार्क के सामने, रामकुंड, बसोड़ गली, फूलबाग चौराहा, मर्कज मस्जिद चौराहा, मंगलवारिया समेत कई इलाकों में बाढ़ आ गई थी।

यह भी देखेंः

बाढ़ से रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त, ट्रेनों के मार्ग बदले, 30 की स्पीड से चल रही हैं ट्रेनें
Flood in Mp: बाढ़ में घिरे कई जिले, सीएम ने किया हवाई दौरा, देखें Live Updates
70 साल की बूढ़ी मां को सड़क पर छोड़ गया बेटा, रुला देगी एक मां की कहानी