1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राज्यमंत्री ने काटा था फीता, 12 दिन तक बिना रजिस्ट्रेशन के चलता रहा अस्पताल, अब हुआ ये

hospital operating without registration: मध्यप्रदेश के राजगढ़ में राज्यमंत्री नारायण सिंह ने सागर मल्टीस्पेशलिस्ट अस्पताल का उद्घटान किया। अब 12 दिन बाद इस अस्पताल को एक महिला की मृत्यु के बाद सील कर दिया गया है।

2 min read
Google source verification
Health Department sealed hospital operating without registration in rajgarh

hospital operating without registration: मध्यप्रदेश के राजगढ़ से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। ब्यावरा के मुल्तानपुरा में सागर ल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल नाम का अस्पताल, स्वास्थ्य विभाग की आंखों में धूल झोंककर बिना रजिस्ट्रेशन के लगभग 2 हफ्ते तक संचालित होता रहा।

12 दिन बाद एक महिला की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद इसे सील किया गया। इसमें चौंकाने वाली बात ये है कि अस्पताल का उद्घाटन मत्स्य पालन एवं मछुआरा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार ने किया था। इस उद्घाटन समारोह में कांग्रेस जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सोंधिया भी शामिल थे।

ये भी पढ़े- नशे में टुन्न डॉक्टर का हंगामा ! अस्पताल में मचाया उत्पात, वीडियो वायरल

महिला की इलाज के दौरान मौत

अस्पताल का सच तब सामने आया जब शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। महिला के परिजन ने अस्पताल पर लापरवाही करने का आरोप लगाया और हंगामा किया। हालांकि, आपसी सहमति से यह मामला दब गया, लेकिन इस घटना के बाद जांच में अस्पताल की पोल खुली। जांच में सामने आया कि अस्पताल का अभी तक रजिस्ट्रेशन के इतने दिन तक संचालित हो रहा था।

ये भी पढ़े- 'मध्य प्रदेश शासन' लिखी गाड़ी में मिला मवेशी मांस, जानें पूरा मामला

12 दिन बाद खुली स्वास्थ्य विभाग की आंखें

सागर अस्पताल के रजिस्ट्रेशन की बात स्वास्थ्य विभाग तक पहुंची। स्वास्थ्य विभाग ने राजगढ़ सीएमएचओ (CMHO) डॉ.किरण वाडिया को इस मामले में कार्रवाई करने का आदेश दिया। डॉ. किरण ने ब्यावरा सिविल अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. सौरीन दत्ता को निर्देश देकर अस्पताल को सील करवा दिया।

अस्पताल सील होने के बाद डॉ.सौरीन दत्ता ने बताया कि सभी दस्तावेज और संबंधित डॉक्टर के बयान लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, CMHO डॉ. किरण वाडिया ने बताया कि अस्पताल से संबंधित दस्तावेज रजिस्ट्रेशन के लिए प्रस्तुत किए गए थे, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली थी।

Story Loader