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गोरखपुर जा रही थी महिला, रास्ते में प्रसवपीड़ा हुई तेज, फिर बाइक बन गर्इ एंबुलेंस

महाराष्ट्र से गोरखपुर जा रही थी मजदूर महिलाइंदौर-भोपाल बाइपास पर पटवारी संघ के लंगर में बिगड़ी तबीयत
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राजगढ़

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Dheerendra Vikramadittya

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Updated: 16 May 2020, 2:24 PM IST

गोरखपुर जा रही थी महिला, रास्ते में प्रसवपीड़ा हुई तेज, पटवारी ने बाइक से पहुंचाया अस्पताल

गोरखपुर जा रही थी महिला, रास्ते में प्रसवपीड़ा हुई तेज, पटवारी ने बाइक से पहुंचाया अस्पताल

राजेश विश्वकर्मा

ब्यावरा। महाराष्ट्र से गोरखपुर लौट रही एक गर्भवती महिला की शनिवार को हालत बिगड़ गई। प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला की मदद करते हुए एक पटवारी ने अपनी बाइक से अस्पताल पहुंचाया। दोपहर करीब एक बजे यहां अस्पताल में महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
आजीविका की तलाश में शहर गए मजदूरों के लिए अब अपने गांव लौटना मजबूरी है। भूख के भय ने उनको किसी भी सूरत में वापस लौटने को मजबूर कर दिया है। कोई अपने बुजुर्ग मां-बाप को लेकर चल पड़ा है तो कोई छोटे बच्चों को लेकर। यहां तक कि गर्भवती महिलाएं मजबूर होकर जिंदगी दांव पर लगाते हुए लौट रही हैं। इनमें से किसी ने हाईवे किनारे बच्चा जना तो किसी ने ट्रक में। शनिवार को महाराष्ट्र से यूपी के गोरखपुर के लिए मजदूरों का एक जत्था निकला था। इंदौर-भोपाल बाइपास पर पटवारी संघ द्वारा इन मजदूरों को दोपहर में खाना खिलाया जा रहा था। इसमें एक गर्भवती महिला भी शामिल थी। खाना खिलाए जाने के दौरान ही महिला की हालत बिगड़ने लगी। वह प्रसव पीड़ा से कराह उठी। महिला की बिगड़ती हालत देख पटवारी जीतू झंझोरिया ने उसे अपनी बाइक पर बिठाया और अस्पताल पहुंचाया। यहां डाॅक्टर्स की देखरेख में महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
महिला का नाम सुनीता पत्नी किशन यादव बताया जा रहा है। बाइस वर्षीय यह महिला गोरखपुर के शिवजीनगर के मानखुर्द की रहने वाली है।