शिक्षा विभाग के अफसर द्वारा चार बिंदुओं में गंभीर लापरवाही की गई है, जिसमें पहला मैपिंग, दूसरा बच्चे की उम्र की खामी में सुधार नहीं, तीसरा बड़े स्कूलों द्वारा छिपाई सीट का सत्यापन नहीं और चौथा शहर सहित जिले में संचालित प्री प्राइमिरी स्कूलों का पंजीयन नहीं कराया गया है। इस तरह से अफसरों की लापरवाही के कारण राजनांदगांव जिले में आरटीई सीटाें की संख्या पिछले तीन सालों में घटकर आधी हो गई है।