
तथाकथित पाखंड़ी बाबा का काला सच धीरे-धीरे सामने आ रहा है। ( Photo - Patrika )
CG Fake Baba News: छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में तथाकथित पाखंड़ी बाबा के काले कारनामों से धीरे—धीरे पर्दा उठ रहा है। दरअसल गांजा बिक्री के मामले में गिरफ्तार कथित योगी तरूण क्रांति अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को बाबा का आईफोन हाथ लगा है, जो कई राज खोल रहे हैं। इससे पहले विदेशी लड़कियों के साथ मटरगश्ती करते हुए एक वीडियो भी वायरल हो हो रहा है। बता दें कि धर्म नगरी डोंगरगढ़ की पहाड़ियों में गोवा जैसा आश्रम बनाया था।
जहां कई गलत काम हो रहे थे। गिरफ्तारी के बाद जब्त आईफोन से विदेशी कनेक्शन से लेकर कुछ अहम ट्रांजेक्शन की भी जानकारी पुलिस को मिली है। जिसे देखकर पुलिस भी चौंक गए है। आईफोन के गायब होने से कथित योगी परेशान था और आश्रम में हर आने-जाने वाले पर शक करता था। इसे लेकर कुछ लोगों के साथ बहस होने की भी खबर है।
बताया जाता है कि आईफोन को कथित योगी के करीबियों ने ही उठा लिया था, जो कि अब पुलिस के कब्जे में है। माना जा रहा है कि आई फोन गायब होने के बाद ही पुलिस तक अहम जानकारी पहुंची। इसके बाद ही आश्रम में दबिश देकर गांजा के साथ कथित योगी को गिरफ्तार किया गया।
धर्मनगरी डोंगरगढ़ में कुछ दिनों से शराब, गांजा सहित अन्य नशीली वस्तुओं की धड़ल्ले से बिक्री हो रही थी। जिसके कारण अपराध हो रहे थे। शहर के कुछ युवाओं का आश्रम में देर रात तक आना-जाना होता था। पुलिस पहले से ही नशे के कारोबार से जुड़े आरोपियों तक पहुंचने की कवायद कर रही थी। इस बीच आश्रम की ओर भी नजर दौड़ाई गई। अचानक से कथित योगी का आई फोन गायब होना और पुलिस की दबिश होने से यह स्पष्ट हो गया है कि पुलिस टीम आश्रम पर नजर रख रही थी।
आश्रम में अग्रवाल मेमोरियल फाउंडेशन के नाम से फ्लैक्स लगा हुआ है। एक लैक्स में तो श्रीपंच दसनाम जुना अखाड़ा लिखा गया है। पुलिस को आशंका है कि कथित योगी इन्ही संस्थाओं की आड़ में श्रद्धा रखने वालों से रकम वसूल करता था। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब यहां आने-जाने वाले लोकल लोग हड़बड़ाए हुए हैं। आश्रम में लगे सीसीटीवी कैमरे से कई और राज खुलेंगे। लोकल कनेक्शन का पता चल जाएगा।
बताया जाता है कि तरुण क्रांति अग्रवाल 20 वर्ष पहले गोवा गया, तब उस उसके पास आने जाने के लिए टिकट के पैसे नहीं थे। आज वह 100 करोड़ का आसामी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में परिवार के अन्य सदस्यों के भी खातों की जांच की जा रही है। बताया जाता है कि योगी के द्वारा नोटबंदी के समय में भी कई खातों में भारी लेनदेन किया गया है। जिसमें विदेशी फंडिंग का जिक्र है।
एसडीओपी आशीष कुंजाम ने बताया कि पुलिस की ओर से हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है। कथित योगी का आईफोन जब्त किया गया है। चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। संपत्ति वाले एंगल से भी पड़ताल कर रहे हैं।
Updated on:
30 Jun 2025 12:40 pm
Published on:
30 Jun 2025 12:40 pm
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