मिली जानकारी अनुसार शिक्षा विभाग में पदस्थ 10 लिपिक आकस्मिक अवकाश का ऑनलाइन आवेदन देकर बगैर शासन से अनुमति लिए विदेश यात्रा पर चले गए। यह गंभीर प्रवृति का अपराध है, क्योंकि कोई भी शासकीय कर्मचारी लेकर बिना शासन से अनुमति लिए विदेश यात्रा नहीं कर सकता। राजनांदगांव डीईओ प्रवास बघेल का कहना है कि लिपिकों ने सीएल लिया, छुट्टी लेने वाले कर्मचारियों से कारण नहीं पूछा गया। अब यदि वे नियम विपरीत विदेश यात्रा पर गए हैं, उन्हें नोटिस जारी कर पूछा जाएगा। मामले की जांच में जो भी तथ्य सामने आएगा, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।