
राजनांदगांव से बेंगलुरू की सीधी रेल सुविधा (Photo Patrika)
Indian railway updates: दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे के यात्रियों को अब कर्नाटक और दक्षिण भारत के लिए नई रेल सुविधा मिलने जा रही है। बिलासपुर से येलहंका के बीच साप्ताहिक सीधी ट्रेन सेवा 26 अगस्त से शुरू होगी। इससे राजनांदगांव और आसपास के क्षेत्रों से बेंगलुरू जाने वाले यात्रियों को खासा फायदा मिलेगा। अब यात्रियों को बेंगलुरू पहुंचने के लिए बीच में ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
रेलवे के अनुसार बिलासपुर-येलहंका ट्रेन संख्या 18261 प्रत्येक बुधवार को बिलासपुर से दोपहर 2 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन भाटापारा, रायपुर और दुर्ग होते हुए शाम 4.49 बजे राजनांदगांव पहुंचेगी और दो मिनट ठहराव के बाद 4.51 बजे रवाना होगी। इसके बाद ट्रेन डोंगरगढ़, गोंदिया, नागपुर, वर्धा, चंद्रपुर, बल्लारशाह, सिरपुर, कागजनगर, कांजीपेट, सिकंदराबाद और धर्मवरम होते हुए अगले दिन शाम करीब 7 बजे येलहंका पहुंचेगी। येलहंका से बिलासपुर के लिए ट्रेन संख्या 18262 प्रत्येक गुरुवार को रात 9.30 बजे रवाना होगी। वापसी में ट्रेन निर्धारित मार्ग से होकर अगले दिन रात 10.58 बजे डोंगरगढ़ और 11.25 बजे राजनांदगांव पहुंचेगी। दो मिनट के ठहराव के बाद रात 11.27 बजे बिलासपुर के लिए रवाना होगी।
बिलासपुर और येलहंका के बीच चलने वाली इस ट्रेन से राजनांदगांव, दुर्ग और डोंगरगढ़ समेत मार्ग में आने वाले कई शहर दक्षिण भारत से सीधे जुड़ जाएंगे। विशेष रूप से बेंगलुरू जाने वाले विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और अन्य यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। पहले इस सेवा को विशेष ट्रेन के रूप में अस्थायी तौर पर शुरू किया गया था। अब इसे नियमित साप्ताहिक सेवा के रूप में चलाए जाने से यात्रियों को लंबे समय तक सीधी रेल सुविधा मिलने की उम्मीद है। ट्रेन के शुरू होने से राजनांदगांव क्षेत्र के यात्रियों में भी उत्साह है।
बेंगलुरू में बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग रहते हैं। इसके अलावा आईटी, शिक्षा, स्वास्थ्य, कारोबार और अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोगों का भी दोनों क्षेत्रों के बीच आवागमन होता है। सीधी साप्ताहिक ट्रेन शुरू होने से ऐसे यात्रियों को सबसे ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद है। अभी कई यात्रियों को बेंगलुरू पहुंचने के लिए अलग-अलग ट्रेनों के विकल्प तलाशने पड़ते हैं और कई बार बीच के स्टेशन पर ट्रेन बदलनी पड़ती है। खासकर बुजुर्ग यात्रियों, परिवार के साथ यात्रा करने वालों और अधिक सामान लेकर जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रेन बदलना परेशानी वाला होता है। नई सीधी सेवा इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकती है।
Updated on:
25 Aug 2026 12:53 pm
Published on:
25 Aug 2026 12:53 pm
