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पटाखा फैक्ट्रियों में नियमों का पालन नहीं, मानक से अधिक प्रोडक्शन और भंडारण

Diwali Festival 2023 : दीपावली त्योहार में पटाखा का सबसे अधिक चलन होता है। इस पर्व में जिले में करोड़ों रुपए के पटाखों की बिक्री होती है।

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पटाखा फैक्ट्रियों में नियमों का पालन नहीं, मानक से अधिक प्रोडक्शन और भंडारण

पटाखा फैक्ट्रियों में नियमों का पालन नहीं, मानक से अधिक प्रोडक्शन और भंडारण

राजनांदगांव। Diwali Festival 2023 : दीपावली त्योहार में पटाखा का सबसे अधिक चलन होता है। इस पर्व में जिले में करोड़ों रुपए के पटाखों की बिक्री होती है। जिले में आधा दर्जन जगहों पर पटाखा की फैक्ट्री संचालित हो रही है। इन फैक्ट्रियों में नियमों को ताक पर रखकर पटाखा बनाए जाने की खबर है। वहीं व्यापारियों द्वारा रहवासी क्षेत्र में गोदाम बनाकर क्षमता से अधिक पटाखा रखने की भी जानकारी सामने आ रही है। वहीं वहां काम करने वाले मजदूरों को भी सुरक्षा के साधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हंै। इसके बाद भी शासन-प्रशासन द्वारा फैक्ट्रियों और गोदामों की जांच करने गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

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कलेक्टोरेट के लाइसेंस शाखा से मिली जानकारी के अनुसार जिले में किरगी गांव, रामपुर, बाबूटोला, लिटिया, पदुमतरा और बुंदेली में पटाखा की फैक्ट्री संचालित हो रही है। इन फैक्ट्रियों में शासन द्वारा जारी सुरक्षा के मापदंड़ों का पूरी तरह से पालन नहीं किया जा रहा है। सुरक्षा मापदंड के विपरीत पटाखा बनाने से कभी भी कोई हादसा होने की संभावनी बनी हुई है।

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एक समय में 15 किलो बारूद से ही पटाखा बनाने का नियम

लाइसेंस शाखा से मिली जानकारी के अनुसार पटाखा फैक्ट्रियों में एक समय में सिर्फ 15 किलो के बारूद से ही पटाखा बनाने का काम करना है। जिसमें बनाए गए सभी पटाखा को फैक्ट्री से बाहर गोदाम में व दुकान में शिफ्ट करना है। इसके बाद दूसरे समय में फिर से 15 किलो बारूद से पटाखा बनाना है। मिली जानकारी के अनुसार फैक्ट्री संचालकों द्वारा इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। फैक्ट्रियों में कभी भी मनमर्जी से अधिक बारूद से नियम के विपरीत बड़ी संख्या में पटाखा बनाया जा रहा है। इसकी जांच नहीं हो रही है। इसके अलावा फैक्ट्रियों में कई नियमों का पालन करना है जो नहीं हो रहा है।

यह है पटाखा फैक्ट्री के नियम
1 पटाखा फैक्ट्री और दुकान आबादी के करीब एक किलोमीटर दूर होने चाहिए।
2 बिजली सप्लाई के लिए हाइटेंशन तार, ट्रांसफार्मर के आसपास फैक्ट्री नहीं होनी चाहिए
3 अग्निशमन विभाग और संबंधित थाना पुलिस की एनओसी के बाद ही फैक्ट्री संचालित होती है
4 पटाखा फैक्ट्री, निर्माता या दुकानदार के पास लाइसेंस होना अनिवार्य।

5 फैक्ट्री या दुकान में दीवारों पर ध्रूमपान निषेध की सूचना बोर्ड, क्रेता का नाम लिखा होना आवश्यक है।
6 अग्निशमन यंत्र होना, आग बुझाने के लिए रेत की बाल्टी पानी की व्यवस्था होनी चाहिए
7 फैक्ट्री या दुकान में गैस सिलेंडर, लैंप, लालटेन, अगरबत्ती सहित ज्वलनशील पदार्थ पर पाबंदी होनी चाहिए
8 फैक्ट्री संचालक, दुकानदार के पास आतिशबाजी का अनुभव प्रमाणपत्र होना चाहिए
9 फैक्ट्री कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्र चलाने की जानकारी हो।

10 मजदूरों के लिए दास्ताने, स्पेशल ड्रेस, मास्क सहित अन्य सुरक्षा के उपकरण होने चाहिए।
11 मौके पर प्राथमिक उपचार, फस्र्ट एड बॉक्स होना चाहिए।

पटाखा फैक्ट्रियों में नियमों के विपरीत काम हो रहा है तो यह गंभीर मामला है। टीम बनाकर जल्द ही फैक्ट्रियों की जांच की जाएगी। किसी प्रकार का अनियमितता मिलने पर संचालकों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे।
अरुण वर्मा, एसडीएम राजनांदगांव

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