
Patrika Mahila Suraksha: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में महिलाएं अब हर क्षेत्र में तरक्की कर रहीं हैं। कानूनी अधिकार का इस्तेमाल भी करने लगी हैं पर समाज में आज भी ये प्रताड़ना का शिकार हो रहीं हैं। कानून में इनकी सुरक्षा व हक के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। बावजूद ये महफूज नहीं हैं।
इसलिए पत्रिका की ओर से महिला सुरक्षा को लेकर अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान से अब महिलाएं जुड़ने लगी हैं और बेबाक होकर अपनी बातें रख रहीं हैं ताकि समाज में कुछ बदलाव आ सके।
पत्रिका के रक्षा कवच अभियान से जुड़ते हुए स्टेशनपारा राजेन्द्र नगर वार्ड की महिलाओं ने कहा कि सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार को पहल करनी होगी। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड हो या फिर बाजार हो, इन जगहों पर महिला पुलिस बल की विशेष टीम को सक्रिय रखा जाना चाहिए ताकि छेड़छाड़, चैन स्नैचिंग जैसी घटनाओं से बच सकें।
सरकार की ओर से कुछ जगहों पर बल की तैनाती तो की जाती है पर यह पर्याप्त नहीं है। युवतियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाने के लिए वार्ड स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी कराया जाना चाहिए।
गृहणी शोभना स्वामी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र व श्रमिक बाहुल्य क्षेत्र में रहने वाली कई महिलाओं को अधिकारों की जानकारी नहीं है। ज्यादातर ऐसी महिलाएं साइबर ठगी की शिकार हो जाती हैं। सोशल मीडिया में आने वाली भ्रामक सूचनाओं के चक्कर में ये धोखे में रह जाती हैं।
गृहणी खुशबू यादव ने कहा की बसों में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित होनी चाहिए। देखने में आता है कि भीड़ रहती है और महिलाओं को खड़े-खड़े सफर करना पड़ता है। इसलिए सुरक्षित सफर के लिए बसों में सीट उपलब्ध कराने प्रावधान हो।
गृहणी दीपा सिन्हा ने कहा की सार्वजनिक जगहों पर पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था हो। बाजार, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित भीड़-भाड़ वाले इलाके में महिला पुलिस बल की विशेष टीम को सक्रिय रखा जाए जो गुपचुप तरीके से बदमाशों पर नजर रखें।
गृहणी गीता सोलंकी ने कहा की बेटियों को शिक्षा के साथ ही आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। सरकार को इस दिशा में पहल करते हुए वार्ड स्तर पर प्रशिक्षण देने कार्यशाला का आयोजन करना चाहिए।
Updated on:
27 Feb 2025 01:36 pm
Published on:
27 Feb 2025 01:22 pm
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