
19 दिन से चल रहा था स्कूल, देर रात आबू रोड से पहुंचे दर्जनभर परिजन
राजसमंद. शहर के बीच बाजार में स्थित होटल से सटे भवन में स्कूल पिछले 19 दिन से चल रहा था, जहां 12 से 17 वर्ष की किशोरियों को स्कूली शिक्षा के साथ साथ आध्यात्मिक ज्ञान की शिक्षा दी जा रही थी। बाल कल्याण समिति व अन्य स्वयंसेवी संगठनों के विशेषज्ञों द्वारा गहन तहकीकात की गई। स्कूल में प्रवेशित छात्राओं व शिक्षिकाओं के संबंध में होटल के रिकॉर्ड में भी कोई जानकारी नहीं मिली। स्कूल में अध्ययनरत दर्जनभर बच्चियां नेपाल की और अन्य बच्चियां नई दिल्ली, मध्यप्रदेश, आसाम, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़ के साथ देशभर के विभिन्न अंचलों है। हालांकि इनका पुलिस सत्यापन नहीं होने पर बाल कल्याण समिति ने संदिग्ध माना और मकान मालिक द्वारा पुलिस व प्रशासन को सूचना नहीं देना भी गलत माना है। मकान मालिक दयाराम कुमावत ने बताया कि होटल के पीछे भवन में स्कूल संचालित है, जहां 15 जून के बाद बच्चियां व शिक्षिकाएं शिफ्ट हुई है।
बताया गया कि देर रात बच्चियों के परिजन दीपक डीसीलवा के साथ दर्जनभर परिजन बालिका गृह पहुंच गए, मगर प्रशासन ने बच्चियों से मिलने की अनुमति नहीं दी। इस पर परिजनों ने आक्रोश भी जताया। अब गुरुवार सुबह उन्हें बच्चियों से मिलाया जाएगा।
किरायानामा नहीं, नि:शुल्क दे रखा भवन
आध्यात्मिक गऊमुख स्कूल का भवन जिस भवन में चल रहा था, वह भवन राजमहल होटल के मालिक का ही है। उक्त भवन स्कूल के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कराना बताया गया है। बाल कल्याण समिति, प्रशासन की जांच में भी भवन किराए पर लेने या अनुबंध पर लेने संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले।
छापे के बाद आत्महत्या की धमकी
बाल कल्याण समिति व पुलिस की छापामार कार्रवाई से एक बारगी सभी बच्चियां व शिक्षिकाएं घबरा गई और एकाएक सबने से आत्महत्या की धमकी तक दे डाली। बाद में बाल कल्याण समिति व प्रशासनिक अफसरों और महिला विशेषज्ञों द्वारा परामर्श कराया गया। तब जाकर सभी बच्चियां व शिक्षिकाएं सामान्य स्थिति में लौटी, तब करीब सवा सात बजे बच्चियों को बस के जरिये भवन से पन्नाधाय बालिका गृह में स्थानान्तरित कर दिया।
सैकड़ों लोग पहुंचे, भारी जाब्ता तैनात
पीर बावजी स्थानक के पास होटल के पीछे भवन में संचालित स्कूल पर कार्रवाई के बाद सैकड़ों की तादाद में लोग मुख्य सडक़ पर एकत्रित हो गए। देखते ही देखते भीड़ इतनी बढ़ गई कि राजनगर, कांकरोली, महिला थाने के अलावा पुलिस लाइन से अतिरिक्त जाब्ता मंगवाना पड़ा, तब सडक़ पर खड़ी भीड़ को दूर हटाया जा सका। आस पास के भवनों की छत पर चढक़र लोग नजारा देख रहे थे। हालांकि बाल कल्याण समिति के साथ पुलिस व प्रशासन ने पूरी कार्रवाई को गोपनीय रहा। बच्चियों को बालिका गृह में स्थानान्तति करने के बाद कार्रवाई के बारे में बताया।
बदलनी पड़ी यातायात व्यवस्था
पीर बावजी से सबरी मां मार्केट तक लोगों की भीड़ लगने से पुलिस को यातायात व्यवस्था बदलनी पड़ी। किशोर नगर मंडा व जलचक्की के पास से जवान तैनात कर वाहनों का आवागमन डायवर्ट कर दिया।
Published on:
05 Jul 2018 10:05 am
