
स्कूल संचालक का नहीं अता-पता, 67 किशोरियों को छोडऩे का अनुयायी बना रहे दबाव
राजसमंद. शहर में होटल के पास भवन से बाल कल्याण समिति द्वारा बालिका गृह में शिफ्ट कराई 67 किशोरियों को अब संबंधित जिलों की बाल कल्याण समितियों के माध्यम से ही परिजनों को सौंपी जाएगी। इधर, आध्यात्मिक गौमुख स्कूल का कोई संचालक नहीं आया और न ही कोई वैध दस्तावेज बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किए। आध्यात्मिक स्कूल से जुड़े अनुयायी व परिजन बालिका गृह पहुंच गए, जहां समिति द्वारा एक एक परिजन को उनकी बेटियों से मिलवाया। सभी किशोरियों से परामर्श का कार्य दिनभर चलता रहा। दिल्ली से आए दो विशेष काउंसलरों द्वारा भी बच्चियों का परामर्श करते हुए गहन पूछताछ की गई। अब तक की जांच में अनैतिक गतिविधि का कोई तथ्य सामने नहीं आया है।
जानकारी के अनुसार पंजाब, हरियाणा, नई दिल्ली व आबू रोड, माउंट आबू से दर्जनभर से ज्यादा परिजन राजसमंद पहुंच गए। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष भावना पालीवाल के समक्ष बच्चियों से मिलने की अर्जी लगाई। उसके बाद एक एक बच्ची को बुलाकर उनके परिजनों से पहचान कराते हुए मिलवाया गया। इस दौरान परिजनों ने बच्चियों को साथ ले लगे, मगर बाल कल्याण समिति ने इनकार कर दिया। साथ ही बताया कि अब काउंसलिंग पूरी होने के बाद सभी बच्चियों के उनके जिला बाल कल्याण समिति को हैंडओवर की जाएगी। इसके तहत नेपाल के साथ ही नई दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उड़ीसा, केरल, कर्नाटक व छत्तीसगढ़ राज्य में परिजनों को पैतृक जिला बाल कल्याण समिति के माध्यम ही बच्चियां सुपूर्द की जाएगी।
अनुयायी अड़े, किया हंगामा
आध्यात्मिक गौमुख स्कूल के कई अनुयायी पन्नाधाय बालिका गृह पहुंच गए, जहां सभी बच्चियों से मिलने का बाल कल्याण समिति अध्यक्ष से अनुरोध किया। इस पर अध्यक्ष द्वारा बताया कि उनके बच्चे हो, तो उनका नाम बताए और उनसे मिलवा दिया जाएगा, मगर अनुयायी सभी बालिकाओं से मिलने की बात पर अड़ गए। इसको लेकर अनुयायियों की बाल कल्याण समिति सदस्यों से तकरार हो गई।
आज कलक्टर से मिलेंगे परिजन
आध्यात्मिक गौमुख स्कूल के अनुयायी दीपक ने बताया कि हमारे कानूनी विशेषज्ञ व अधिवक्ता राजसमंद आ गए और उनके साथ शुक्रवार को जिला कलक्टर से मुलाकात कर कार्रवाई से अवगत कराएंगे। साथ ही उनका स्कूल जिन कानून कायदे व सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक चल रहा है। उससे भी अवगत कराया जाएगा। साथ ही इसके लिए न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से बच्चियों को वापस स्कूल की मुख्यधारा में लाने के प्रयास किए जाएंगे।
जिला समितियों से छूटेंगी किशोरियां
सभी किशोरियों से पामर्श के बाद उन्हें संबंधित जिला बाल कल्याण समितियों के माध्यम से परिजनों को सौंपी जाएगी। यहां जो भी परिजन आए, उन्हें उनकी बेटियों से मिलवा दिया गया। मेडिकल जांच में सभी बच्चियां स्वस्थ है और उनसे परामर्श कराया जाएगा। स्कूल चलाने के कोई वैध दस्तावेज नहीं दिए और न ही संचालक मंडल के कोई सदस्य आए हैं।
भावना पालीवाल, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति राजसमंद
Published on:
06 Jul 2018 10:51 am
