
उच्च शिक्षा मंत्री का आदेश मानने के लिए राजसमंद जिला परिषद ने भी कायदे भी भुला दिए
राजसमंद. राज्यसभा सांसद के मद से मंजूर बजट में अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर संशोधन करवाने की सिफारिश के लिए एक-दो नहीं, आधा दर्जन से ज्यादा चिट्ठियां चली थीं। उपराष्ट्रपति के निजी सचिव ने भी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर मंजूरी में बदलाव के लिए निर्देश जारी कर दिया और इसे जिला परिषद ने मान लिया। बाद में राज्य सरकार से निर्देश मिलने पर पैसा रोका गया। राजनगर के विद्या निकेतन उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए तत्कालीन राज्यसभा सांसद वेंकैया नायडू ने 10 लाख रुपए की स्वीकृति दी थी। यह मंजूरी राजसमंद सांसद हरिओम सिंह राठौड़ के 20 लाख रुपए की अनुशंसा करने के अनुरोध के जवाब में हुईथी। जिला परिषद के पास आए बजट को कुरज और केलवा के विद्या निकेतन स्कूलों में खर्चकरने के लिए मंत्री के स्तर पर गुपचुप पत्र व्यवहार का सिलसिला शुरू हुआ। सबसे पहले 5 फरवरी को उपराष्ट्रपति बन चुके नायडू के निजी सचिव एन. युवराज को चिट्ठी लिखी गई। निजी सचिव ने गत 21 फरवरी को मंत्री किरण माहेश्वरी के पत्र का हवाला देकर संशोधित अनुशंसा में इस राशि में से दोनों स्कूलों को पांच-पांच लाख रुपए देने के निर्देश जारी कर दिए थे। दूसरा पत्र मंत्री की ओर से 13 मार्च को जारी हुआ, जिसमें उपराष्ट्रपति के निजी सचिव के पत्र का हवाला देते हुए सीधे ही जिला परिषद सीईओ को संशोधन के निर्देश दे दिए गए।
नियम भुला बैठे अधिकारी
अधिकार से परे जाकर जारी चिट्ठी के आधार पर जिला परिषद सीईओ ने भी गत 10 मई को राजनगर स्कूल की मंजूरी निरस्त कर दी। मंत्री के निर्देश की पालना में जब यह राशि संशोधन के साथ ही दो अन्य स्कूलों को जारी करने के बारे में राज्य सरकार से मार्गदर्शन मांगा गया, तो पूर्व में जारी स्वीकृति में पदाधिकारी के बदलने के बाद परिवर्तन करने से इनकार कर दिया। अब यह राशि पूर्वमें हुईमंजूरी के आधार पर ही खर्च होगी।
विधायक मद के 10 लाख होंगे निरस्त!
मंत्री ने उसी राजनगर स्कूल के लिए बाद में अपने मद से 10 लाख रुपए देने की अभिशंसा की थी। सांसद और विधायक मद से दोहरी स्वीकृति जारी होने से अब विधायक मद की राशि जिला परिषद निरस्त कर सकती है। इधर, 11 माह पहले स्वीकृत राशि अब तक नहीं मिलने से कार्यकारी एजेंसी नगर परिषद काम शुरू नहीं कर सकी है।
Updated on:
27 Jun 2018 02:06 pm
Published on:
27 Jun 2018 02:03 pm
