
दलाल ने डकारे 38 किसानों के पौने चार करोड़ : भूमि विकास बैंक मे अनियमितता
लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद
कृषि विस्तार, भूमि सुधार व स्वरोजगार के बहाने भूमि विकास बैंक से 38 किसानों के नाम से करीब पौने चार करोड़ रुपए का फर्जी ऋण उठाने का मामला सामने आया है। दलाल ने बैंक अध्यक्ष गोविंदसिंह चौहान सहित सचिव, ऋण पर्यवेक्षक, प्रबंधक व कार्मिकों से मिलीभगत कर फर्जीवाड़ा किया। बैंक प्रबंधन में बदलाव के बाद जारी हुए बकाया नोटिस से एक के बाद एक पीडि़त सामने आए और अनियमितता की पोल खुलती गई। दस करोड़ के घपले की शिकायत पर सरकार द्वारा कराई जांच में पौने चार करोड़ की अनियमितता सामने आई। सरकार ने बैंक अध्यक्ष चौहान के साथ तत्कालीन सचिव, बैंक प्रबंधक, ऋण पर्यवेक्षक व कार्मिकों से वसूली के साथ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
यह खुलासा राज्य सरकार द्वारा केन्द्रीय सहकारी बैंक उदयपुर प्रबंध निदेशक डॉ. अश्विनी वशिष्ठ द्वारा की गई जांच से हुआ। जांच रिपोर्ट के मुताबिक एक ही व्यक्ति को एक ही भूमि पर अवधिपार ऋण होने के बावजूद कई बार ऋण उठा लिए व उपलब्ध संसाधनों का भौतिक सत्यापन भी नहीं हो पाया। बैक दलाल चौहानों का गुड़ा, कुभलगढ़ के भैरूसिंह चौहान द्वारा फर्जी व अधूरी पत्रावलियों के जरिये बैंक अध्यक्ष गोविंदसिंह चौहान, तत्कालीन सचिव ओमप्रकाश मौर्य, तत्कालीन शाखा सचिव व ऋण पर्यवेक्षक जगदीश पुरोहित, रामेश्वर प्रसाद रेगर व चुन्नीलाल दुदवाल से मिलीभगत कर ऋण उठा स्वीकृत करवा लिए। जांच के मुताबिक कुंभलगढ़ क्षेत्र के 38 लोगों के नाम 3 करोड़ 43 लाख रुपए उठाना का खुलासा हुआ। 26 लोगों के 2 करोड़ 15 लाख 32 हजार रुपए दलाल भैरूसिंह अकेला डकार गया और जांच में पोल खुलने पर मेगा लोक अदालत में 26 किसानों का ऋण जमा कराने की जिम्मेदारी ली।
इनके नाम उठा ऋण
मजेरा के खुमाराम भील, मोरचा के मोतीलाल ब्राह्मण, मोरचा के मांगुसिंह चौहान, मोरचा के डाऊाम भील, मोरचा के दीपा हजारी, बारिंड के भंवरलाल नंगारची, खेड़लिया के मोहनलाल भील, खेड़लिया के मेगा भील, चौहानों का गुडा के खमाण भील, सोपा भील, खेमा भील, अमरसिंह, बबराराम भील, भगवतीलाल रेबारी, प्रभुलाल मेघवाल, लक्ष्मीलाल भील, मजेरा के मेघा उर्फ खेमा, बडग़ांव के कुरसिंह, बडग़ाव के वरदा भील, बडग़ांव नाथूसिंह, खेड़लिया के नोजाराम भील, खेड़लिया के लुम्बाराम भील, पेमा खरवड़, खेमा भील, हेमाराम भील, भंवरदास वैरागी।
सरकार ने ये दिए निर्देश
सहकारिता विभाग के अतिरिक्त रजिस्ट्रार (द्वितीय) जीएल स्वामी ने उदयपुर के अतिरिक्त रजिस्ट्रार एव उप रजिस्ट्रार राजसमंद को कार्रवाई के आदेश दिए। इसके तहत एक ही व्यक्ति को एक ही भूमि पर अवधिपार बकाया ऋण होते हुए भी अल अलग प्रयोजन से कई बार ऋण दे दिए। इसके लिए अधूरी पत्रावलियां, बैंक नियमों के विरुद्ध ऋण देने, संसाधन का भौतिक सत्यापन नहीं करने पर अध्यक्ष, सचिव व कार्मिक दोषी है। इस पर बैंक कार्मिक, अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई व कॉपरेटिव एक्ट 57 में प्रकरण दर्ज करने एवं अध्यक्ष गोविंदसिंह चौहान के विरुद्ध राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम 2001 की धारा 30 (1) में कार्रवाई की जाएं।
अनियमिता मिली, कार्रवाई के आदेश
किसानों के नाम करोड़ो रुपए गबन सामने आया। इसके लिए जिम्मेदार अध्यक्ष, सचिव व कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए अतिरिक्त रजिस्ट्रार उदयपुर एवं उप रजिस्ट्रार राजसमंद को निर्देश दिए कि वे प्रकरण दर्ज कर ऋण की वसूली करते हुए कार्रवाई करें।
जीएल स्वामी, अतिरिक्त रजिस्ट्रार राजस्थान सहकारिता विभाग जयपुर
Published on:
24 Sept 2018 10:11 am
