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राजसमंद की सांसद दीया कुमारी ने कहा , नया संसद भवन कड़ी मेहनत, वफादारी और गति का प्रतिक

राजसमंद. नए संसद भवन का उद्घाटन 28 मई 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस संसद भवन का वीडियो जारी किया जा चुका है. इसमें लोकतंत्र का मंदिर यानी संसद भवन काफी खूबसूरत दिखाई दे रहा है।

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Diya Kumari

राजसमंद की सांसद दीया कुमारी

राजसमंद. नए संसद भवन का उद्घाटन 28 मई 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस संसद भवन का वीडियो जारी किया जा चुका है. इसमें लोकतंत्र का मंदिर यानी संसद भवन काफी खूबसूरत दिखाई दे रहा है। संसद भवन के द्वार पर बड़े-बड़े अक्षरों में सत्यमेव जयते लिखा हुआ है। आइए आज जानते हैं इस नए संसद भवन की क्यों पड़ी जरूत और क्या है इसकी खासियत?

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दीया कुमारी ने किया ट्ववीट

राजसमंद से सांसद और सवाई माधोपुर से पूर्व विधायक दीया कुमारी ने ट्ववीट के माध्यम से नए संसद भवन की तारीफ की है। उन्होंने लिखा , शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के बारे में भावुक। इस अद्भुत इमारत के ऊपर राष्ट्रीय प्रतीक - अशोक स्तम्भ है। इसमें 4 शेरों को दर्शाया गया है, जो शक्ति, साहस, आत्मविश्वास और गर्व का प्रतीक है। नीचे का वृष और अश्व 'सत्यमेव जयते' के आदर्श वाक्य में शामिल कड़ी मेहनत, वफादारी और गति के प्रतिक है।

आपको बता दें कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत नए संसद भवन का निर्माण किया गया है. इस पूरे प्रोजेक्ट पर 20 हजार करोड़ रुपये खर्च होने हैं। दरअसल, सेंट्रल विस्टा राजपथ के क़रीब दोनों तरफ़ के इलाक़े को कहते हैं जिसमें राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट के करीब प्रिंसेस पार्क का इलाक़ा भी शामिल है।
सेंट्रल विस्टा के तहत राष्ट्रपति भवन, संसद, नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, उपराष्ट्रपति का घर भी आता है।

पुराना संसद भवन करीब 100 साल पुराना है। केंद्र सरकार का कहना है कि मौजूदा संसद भवन में सांसदों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है।

नए संसद भवन में क्‍या है खास

नए संसद भवन की बात करें तो लोकसभा में 888 सीटें हैं और विजिटर्स गैलरी में 336 से ज्यादा लोगों के बैठने का इंतजाम है। नई राज्‍यसभा में 384 सीटें हैं और विजिटर्स गैलरी में 336 से ज्‍यादा लोगों के बैठने की क्षमता है।

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पुरानी संसद का आकार गोल है, जबकि नए संसद भवन को तिकोने आकार में डिजाइन किया गया है. अभी लोकसभा में 590 और राज्‍यसभा में 280 लोगों की सिटिंग कैपेसिटी है , जबकि नए संसद भवन की बात करें तो लोकसभा में 888 सीटें हैं और विजिटर्स गैलरी में 336 से ज्यादा लोगों के बैठने का इंतजाम है। नई राज्‍यसभा में 384 सीटें हैं और विजिटर्स गैलरी में 336 से ज्‍यादा लोगों के बैठने की क्षमता है। दोनों सदनों के जॉइंट सेशन के वक्त लोकसभा में ही 1272 से ज्यादा सांसद साथ बैठ सकते हैं।

नए संसद भवन में अहम कामकाज के लिए अलग ऑफिस बनाए गए हैं, जो हाईटेक सुविधाओं से लैस हैं। कैफे, डाइनिंग एरिया, कमेटी मीटिंग के तमाम कमरों में भी हाईटेक इक्विपमेंट लगाए गए हैं। कॉमन रूम्स, महिलाओं के लिए लाउंज और VIP लाउंज की भी व्यवस्था की गई है।

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जानिए कहा से आई निर्माण सामग्री

नए संसद भवन के निर्माण के लिए बलुआ पत्थर राजस्थान के सरमथुरा से, सागौन (टिक वुड) की लकड़ी महाराष्ट्र के नागपुर से मंगाई गई है। कार्पेट उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से मंगवाए गए हैं। त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से बांस की लकड़ी की फ्लोरिंग मंगवाई गई है। स्टोन जाली वर्क्स राजस्थान के राजनगर और उत्तर प्रदेश के नोएडा से लिए गए हैं। अशोक प्रतीक को महाराष्ट्र के औरंगाबाद और राजस्थान के जयपुर से मंगवाया गया है। अशोक चक्र को मध्य प्रदेश के इंदौर से लिया गया है। लाल लाख राजस्थान के जैसलमेर से मंगवा गया है। इसी राज्य के अंबाजी से सफेद संगमरमर पत्थर खरीदे गए हैं। केसरिया ग्रीन स्टोन उदयपुर से मंगवाया गया है। एम-सैंड को हरियाणा के चकरी दादरी, फ्लाई ऐश ब्रिक्स को एनसीआर हरियाणा और उत्तर प्रदेश से खरीदा गया था। ब्रास वर्क और प्री-कास्ट ट्रेंच गुजरात के अहमदाबाद से लिए गए। एलएस/आरएस फाल्स सीलिंग स्टील संरचना दमन और दीव से ली गई।

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