17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कहीं आपका बच्चा तो नहीं बन रहा अपराधी, डरा रही है एनसीआरबी की ये रिपोर्ट

अपराधों की दुनिया में 18 साल से कम उम्र के लड़के भी शामिल हो रहे हैं। कम उम्र से ही जुर्म की पाठशाला में ‘तालीम’ लेकर वे न केवल चोरी, मारपीट जैसे अपराधों को अंजाम दे रहे, बल्कि हत्या, लूट, कातिलाना हमले और ब्लैकमैलिंग तक में हाथ आजमा रहे हैं।

2 min read
Google source verification
minor_criminal.jpg

अपराधों की दुनिया में 18 साल से कम उम्र के लड़के भी शामिल हो रहे हैं। कम उम्र से ही जुर्म की पाठशाला में ‘तालीम’ लेकर वे न केवल चोरी, मारपीट जैसे अपराधों को अंजाम दे रहे, बल्कि हत्या, लूट, कातिलाना हमले और ब्लैकमैलिंग तक में हाथ आजमा रहे हैं। पिछले एक साल में (2022 की समाप्ति तक) राजसमंद जिले में तकरीबन पांच दर्जन बाल अपचारी डिटेन हुए हैं, जिन्होंने सामान्य प्रकृति से लेकर गम्भीर अपराधों को करने में जरा भी संकोच नहीं किया। हत्या के एक मामले में भी नाबालिग का हाथ रहा, वहीं जान लेने की कोशिश के 4 प्रकरणों में 18 साल से कम उम्र के लड़कों का नाम शामिल रहा है। बीते वर्ष राज्य में कुल 2896 ऐसे अपराध थे, जिनमें नाबालिग शामिल रहे हैं।

जिले में साइबर क्राइम के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। मोबाइल, कम्प्यूटर और इंटरनेट की मदद से अपराधी पैसों की ठगी ही नहीं कर रहे, बल्कि लोगों, खासकर महिलाओं को निशाना बनाकर उन्हें ब्लैकमेल या बदनाम करने के मामले भी सामने आए हैं। कुल 9 मामले, जिनमें कम्प्यूटर के इस्तेमाल से पीड़ित की पहचान से छेड़छाड़ करने, अश्लील कंटेंट अपलोड करना, बच्चों के यौन कृत्य को प्रदर्शित करती सामग्री अपलोड करना आदि।

शिक्षा व सही दिशा रोक सकती है इन्हें
अपराधों में शामिल अधिकतर बच्चे पारिवारिक रूप से गरीब पृष्ठभूमि के होते हैं। बड़ी गैंग के लोग इन्हें लालच देते हैं। मूल रूप से शिक्षा की कमी जिम्मेदार है। पहले बालश्रम का लालच देते हैं। कम समय में पैसा कमाने की उन्हें आदत पड़ जाती है तो फिर येन-केन-प्रकारेण पैसा कमाने की कोशिश में अपराध की दिशा में मुड़ जाते हैं। इन्हें नियमित शिक्षा व सही दिशा देकर अपराधों से रोका जा सकता है।
- बहादुरसिंह चारण, सदस्य, बाल कल्याण समिति राजसमंद

यह भी पढ़ें- Suicide Case : सोशल मीडिया पर लिखा I Love You मौत... फिर खा लिया जहर

जिले में दर्ज अपराध, जिनमें नाबालिग डिटेन हुए
हत्या 01
हत्या का प्रयास 04
दंगा 01
शांतिभंग 02
ब्लैकमैलिंग 01
लूट 03
सम्पत्ति विरुद्ध 23
धोखाधड़ी 01
आईपीसी 420 01
दस्तावेजी अपराध 01
क्रिमिनल ट्रेसपास 9
अन्य अपराध 9
सेंधमारी 04
चोरी 03
बाइक चोरी 12
गैरकानूनी कार्य 01
(आंकड़े एनसीबीआर की ताजा रिपोर्ट के अनुसार)

यह भी पढ़ें- Car Sunroof पर दुल्हन का तंमचे पर Disco... गोली चली और खुशियों को लग गया ग्रहण, भाई के साथ बड़ी घटना हुई