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तीन गांवों के ग्रामीण नहीं देंगे वोट : प्रशासन द्वारा हटाई मूर्ति वापस नहीं लगाने पर निर्णय

11 माह से विवादित स्थल पर पुलिस पहरा
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तीन गांवों के ग्रामीण नहीं देंगे वोट : प्रशासन द्वारा हटाई मूर्ति वापस नहीं लगाने पर निर्णय

राजसमंद. विधानसभा चुनाव में इस बार 7 दिसम्बर को भावा पंचायत के तीन पंचायतों के दो हजार ग्रामीण वोट नहीं डालेंगे। यह निर्णय ग्रामीणों ने बुधवार को आयोजित बैठक में लिया और चेतावनी दी कि जब तक बाघपुरा से प्रशासन द्वारा हटाई मूर्ति वापस स्थापित नहीं करवाएंगे, तब तक वोट नहीं देंगे। इधर, विवादित स्थल पर 11 माह से पुलिस का 24 घंटे पहरा है।

जानकारी के अनुसार बाघपुरा में 18 दिसम्बर 2017 की रात को पुलिस व प्रशासन द्वारा रात में चरागाह जमीन से धर्म स्थल को ध्वस्त कर मूर्ति को हटा दिया। उसके दूसरे दिन क्षेत्रीय लोगों ने पत्थरों से चबुतरे की चुनाई करके हनुमानजी की मूर्ति के रूप में छवि खड़ी कर पताका फहरा दी। उक्त विवादित स्थल पर समुदाय विशेष द्वारा नमाज पढ़ी जा रही थी, जिसको लेकर दो समुदाय के लोग आमने सामने हो गए। इसके बाद आक्रोशित एक समुदाय के लोगों ने बाजार बंद करवाकर मूर्ति को मुक्त कराने की मांग की, मगर प्रशासन द्वारा जांच के बाद ही मूर्ति को वापस स्थापित करवाने का आश्वासन दिया था, मगर अभी तक मूर्ति कांकरोली थाने में है और विवादित स्थल पर अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित कर दी है, जहां 24 घंटे पुलिस का पहरा है।


ग्रामीण बोले- नहीं देंगे वोट
बाघपुरा में ग्रामीणों की बैठक में तय किया कि शहर व देहात के जनप्रतिनिधियों ने विवादित स्थल पर मूर्ति वापस लगाने का आश्वासन दिया, मगर 11 माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। जनप्रतिनिधियों पर वोट बैंक के चलते सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया। इस पर बाघपुरा, तरसिंगड़ा व बागड़ोला के ग्रामीणों ने एलान किया कि ब मूर्ति तय स्थल नहीं लगने पर विधानसभा चुनाव में भाजपा, कांगे्रस के साथ किसी भी प्रत्याशी को 7 दिसम्बर को वोट नहीं देंगे। इस दौरान शंकर गायरी, कैलाश पालीवाल, भूरालाल पालीवाल, भरत पालीवाल, जमना शंकर पालीवाल, राधेश्याम पालीवाल, पारसदेवी, सीतादेवी, मुकेश दास, अल्पेश जाट, सूरजसिंह राठौड़, ममता, किरण आदि मौजूद थे।