
नरेगा में श्रमिकों को काम नहीं देने पर पंचायतीराज अधिकारियों रुकेगी वेतनवृद्धि
भीम. जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोविन्द सिंह राणावत ने बुधवार को पंचायत समिति में ग्राम विकास अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। मनरेगा, विधायक व सांसद मद, मगरा विकास योजना, पालनहार, पीएम आवास, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन योजना आदि की प्रत्येक ग्राम विकास अधिकारी से प्रगति रिपोर्ट ली। इसमें सत्र 2017-18 के 18 तकनीकी स्वीकृतियां बकाया होने, 2016 -17 के 35 विकास कार्य बकाया, मगरा विकास के 2014-15 के 15, 2015-16 के तीन और 2016 -17 के 33 बकाया कार्यों की यूसी-सीसी समय पर जमा नहीं होने से आठ करोड़ तिहत्तर लाख का विकास अवरुद्ध होने की जानकारी सामने आई। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि भीम में ऐसा क्या संकट आ गया है, जो पीएम आवास व मनरेगा में यह सबसे पिछड़ा हुआ है। सभी राज्य सरकार के नियमानुसार कार्य करें। दोषी पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज कराईजाएगी। गलती करेगा, वो भुगतेगा। सीईओ ने एक सप्ताह में यूसी-सीसी जमा कराने के निर्देश दिए। सीईओ ने कहा कि इस ब्लॉक में गत वर्ष जून में दो हजार मनरेगा श्रमिक कार्यरत थे, जबकि इस वर्ष जून माह में 1400 श्रमिक ही कार्यरत हैं। बड़े शर्म की बात है। जेटीए से स्थिति जानने पर विकास अधिकारी भागीरथ मल मीणा ने कहा- इनकी सूरत ही पहली बार देखी है। कहीं काम भी करते हैं या नहीं?
कल लगाओ श्रमिक
डूंगरखेड़ा, बग्गड़, बाघाना, बार, बिलियावास आदि ग्राम पंचायतों में शून्य प्रगति पर सीईओ ने गुरुवार तक मनरेगा श्रमिक लगाने के निर्देश दिए। कहा कि मनरेगा में भीम में सर्वाधिक कार्य स्वीकृत होने के बावजूद मस्टररोल जारी नहीं हो रहे हैं। गुरुवार तक मस्टररोल जारी नहीं होने वाली पंचायतों के सचिवों की वेतनवृद्धि रोकी जाएगी। विकास अधिकारी मीणा को निर्देश दिए कि जिस पंचायत में नरेगा कार्य सुचारू नहीं है, संबंधित कर्मचारी की सर्विसबुक लेखाधिकारी के साथ राजसमंद भेजें, ताकि उसकी वेतनवृद्धि रोकी जा सके। पीएम आवास योजना में भीम सबसे पिछड़ा है। लोगों को लाभ देने में इतनी तकलीफ क्यों हो रही है? गत वर्ष जुलाई में स्वीकृत कार्य अब तक शुरू नहीं होने का कोई संतोषप्रद जवाब नहीं मिला। सचिव, कनिष्ठ लिपिक व कम्प्यूटर ऑपरेटर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते दिखे। सीईओ ने फटकार लगा कहा कि प्रतिदिन दो से चार घंटे भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य करते तो आज यह स्थिति नहीं होती।
ग्राम सेवक निलम्बित
बली जस्साखेड़ा के ग्राम सेवक संतोष सिंह रावत को मुख्य कार्यकारिणी अधिकारी ने निलम्बित कर दिया। इसके आदेश विकास अधिकारी भागीरथ मीणा को प्राप्त हुए। बीडीओ ने बताया कि ग्रामसेवक संतोष सिंह भीम पंचायत में दो वर्ष पूर्व कार्यरत था। मगरा विकास योजना में स्वीकृत कार्य में भारी अनियमितता की गई। स्वीकृति के अनुसार निर्माण मौके पर नहीं हुआ और दो लाख रुपए का भुगतान उठा लिया। विभागीय जांच व मौका स्थिति देखने पर ग्राम सेवक दोषी पाया। उसे निलम्बित कर दिया गया।
Updated on:
14 Jun 2018 10:28 am
Published on:
14 Jun 2018 10:27 am
