
शराब दुकानों पर दर सूची चस्पा नहीं, वसूल रहे मनमानी कीमत
राजसमंद. शहर-देहात की एक भी शराब दुकान पर दर सूची चस्पा नहीं है, जिससे सेल्समैन द्वारा मनमानी कीमत वसूली जा ही है। हर दुकान पर ठेकेदार व सेल्समैन की मुंहमांगी दर चल रही है, जिससे प्रत्येक अंगे्रजी ब्रांड की शराब पर 20 से 30 रुपए ज्यादा वसूले जा रहे हैं। आबकारी अधिनियम को दरकिनार कर ठेकेदार खुलेआम मर्जी की कीमत ले रहे हैं। फिर भी पुलिस से लेकर आबकारी महकमे के अधिकारियों द्वारा भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
जिला मुख्यालय राजसमंद शहर में आधा दर्जन दुकानें है, मगर एक भी जगह दर सूची चस्पा नहीं है। देसी, अंगे्रजी शराब के क्वार्टर से लेकर बोतल तक में अंकित मूल्य से बीस से तीस रुपए ज्यादा लिए जा रहे हैं। शहरी व ग्रामीण दुकानों पर निर्धारित दरों से ज्यादा रुपए लिए जा रहे हैं। अगर कोई ग्राहक अंकित मूल्य से अधिक रुपए लेने पर विरोध जताते, तो सेल्समैन लड़ाई झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। इसकी पुलिस थाने व आबकारी थाने में शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होती। इसके चलते सेल्समैन की मुंहमांगी कीमत लोगों द्वारा चुकाई जा रही है।
रात में महंगी हो जाती है शराब
देसी व अंगे्रजी शराब रात आठ बजते ही महंगी हो जाती है। दिन में बियर जो 110 रुपए में मिलती है, उसकी रात आठ बजे बाद 120 से 140 रुपए हो जाते हैं। इसी तरह अंगे्रजी शराब बोतल की कीमत भी बीस से तीस रुपए तक बढ़ जाती है।
शिकायत नम्बर भी नहीं अंकित
शराब दुकान पर तय दर से ज्यादा रुपए लेने अथवा सेल्समैन की अभद्रता पर शिकायत करने के लिए विभाग के बेसिक व मोबाइल नम्बर अंकित होने जरूरी है। फिर भी किसी भी दुकान पर आबकारी थाने, आबकारी निरीक्षक व जिला अधिकारी के मोबाइल नम्बर ही अंकित नहीं है।
लाइसेंस निलंबन का प्रावधान
किसी भी शराब दुकान पर तय दर से ज्यादा रुपए वसूलने की शिकायत के बाद आबकारी विभाग द्वारा जुर्माने के साथ मुकदमा दर्ज किया जाता है। एक ही दुकान के खिलाफ तीसरी शिकायत आने प दुकान का लाइसेंस निलंबित करने का प्रावधान है।
निगरानी जारी, करेंगे कार्रवाई
तय दर से ज्यादा रुपए कोई नहीं ले सकता है। ज्यादा रुपए लेने की शिकायत आने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। नियमित निगरानी व गश्त की जा रही है। रात को तय समय पर दुकान बंद हो रही है।
रियाजुद्दीन उस्मानी, जिला आबकारी अधिकारी राजसमंद
Published on:
13 Jun 2018 10:46 am
