
प्रतीकात्मक तस्वीर, मेटा एआइ
Teachers Duty Balance: शिक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने अहम निर्देश जारी किए हैं। अब परीक्षा कार्यों से जुड़े शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी के लिए कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, किसी भी स्कूल से अधिकतम 30 प्रतिशत शिक्षकों को ही इस कार्य में लगाया जा सकेगा।
आदेश के अनुसार, इस समय कक्षा 9 व 11 की समान परीक्षा, है। कक्षा 5 से 7 की स्थानीय परीक्षाएं, एफएलएन और सीबीए जैसे पुस्तिकाओं का मूल्यांकन और महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्य चल रहे है। इसके साथ ही उत्तर अंक अपलोड करने का कार्य भी जारी हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी परीक्षाओं के परिणाम 25 मार्च से पहले जारी करने हैं और उसी दिन विद्यालयों में मेगा पीटीएम का आयोजन भी प्रस्तावित है।
इसके अलावा, 1 अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होनी है, जिसके तहत प्रवेशोत्सव और निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह आदेश संतुलित है। इससे एक और जहां राष्ट्रीय कार्यक्रम जनगणना का कार्य प्रभावित नहीं होगा, वहीं विद्यार्थियों की पढ़ाई भी सुचारु रूप से जारी रह सकेगी
निर्देशों में साफ कहा गया है कि इस व्यस्त शैक्षणिक अवधि के दौरान परीक्षा कार्य से जुड़े शिक्षकों को कार्यमुक्त नहीं किया जाए। यदि किसी शिक्षक की ड्यूटी जिला कलेक्टर या नगर निकाय द्वारा लगाई जाती है, तो इसके लिए शासन सचिव की अनुमति आवश्यक होगी। वहीं, उपखंड अधिकारी या तहसीलदार स्तर पर ड्यूटी लगाने की स्थिति में भी सक्षम स्वीकृति अनिवार्य की गई है।
आदेश के अनुसार, जिन स्कूलों में केवल एक या दो शिक्षक कार्यरत हैं, यहां किसी भी शिक्षक को कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। वहीं अन्य स्कूलों में भी अधिकतम 30 प्रतिशत शिक्षकों को ही जनगणना कार्य में लगाया जा सकेगा। यदि विशेष परिस्थितियों में किसी शिक्षक को कार्यमुक्त करना पड़े, तो विद्यालय में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
Updated on:
20 Mar 2026 11:57 am
Published on:
20 Mar 2026 11:56 am
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