
दिनभर पड़ा रहा शव, ग्रामीण मुआवजे पर अड़े, देर रात तक भी नहीं समाधान
लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ कुंवारिया (राजसमंद)
कांकरोली-भीलवाड़ा फोरलेन पर रूपाखेड़ा टोल नाके पर बुधवार तड़के चार बजे ट्रक की चपेट में आने से टोल कार्मिक की मौत के बाद ग्रामीण बीस लाख रुपए के मुआवजे की मांग पर धरने पर बैठ गए। कई दौर की वार्ता के बाद भी मुआवजे पर आम सहमति नहीं बनने से शव जिला अस्पताल के मुर्दाघर में पड़ा रहा और ग्रामीण टोल प्लाजा पर धरने पर डटे रहे। दिनभर में कई दौर की वार्ता हुई, मगर दोनों पक्ष रजामंद नहीं हो पाए। कानून एवं शांति व्यवस्था को लेकर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया, जबकि ग्रामीणों के विरोध के चलते सुबह से ही दिनभर बगैर टोल के वाहन गुजरते रहे।
पुलिस के अनुसार टोल प्लाजा रूपाखेड़ा पर बुधवार अल सुबह चार बजे भीलवाड़ा से कांकरोली की तरफ जा रहा ट्रक फास्टेग लेन में घुस गया। टोल पर तैनात जूणदा निवासी राजमल (26) पुत्र तुलसीराम नट ने ट्रक को रूकवाते हुए रिवर्स लेने का इशारा किया। तभी चालक ने ट्रक रिवर्स लिया, तो राजमल लेन के डिवाइडर की दीवार के बीच ट्रक से दब गया। उसके चीखने की आवाज सुन ट्रक वहीं रोक दिया और कई लोग दौड़ आए। बाद में उसे तत्काल आरके जिला चिकित्सालय ले गए, जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इस पर शव का जिला अस्पताल के मुर्दाघर में रखवा दिया। इधर, पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया। सुबह आठ बजे जुणदा, फियावड़ी, कुंवारिया, मादड़ी, लापस्या, रूपाखेड़ा के ग्रामीण एकत्रित हो गए और राजमल के परिवार को बीस लाख रुपए का मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़ गए। टोल प्लाजा पर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। उग्र ग्रामीणों को देख टोलकर्मी भी बूथ छोड़ गए और दिनभर बिना टोल चुकाए ही वाहन गुजरते रहे। इस दौरान पूर्व जिला प्रमुख नारायणसिंह भाटी, पंचायत समिति सदस्य मुकेश शर्मा, जुणदा सरपंच दिनेश टांक, विजय प्रकाश सनाढ्य, मानसिंह बारहठ, चेतन शर्मा, महेश सेन आदि प्रतिनिधि मंडल की अलग अलग दौर में सद्भाव कंपनी के टोल प्लाजा प्रबंधक अरविंदसिंह से वार्ता हुई। उसके बाद प्रतिनिधि मंडल राजसमंद में जिला कलक्टर अरविंद पोसवाल से भी मिला। फिर भी कंपनी तीन लाख से ज्यादा रुपए देने पर सहमत नहीं हुई। इसके बाद ग्रामीण वापस रूपाखेड़ा टोल प्लाजा पहुंच गए, जहां फिर अलग अलग दौर में टोल प्लाजा प्रबंधक अरविंदसिंह के जरिये कंपनी के उच्चाधिकारियों से वार्ता की। फिर भी देर रात तक भी दोनों पक्ष सहमत नहीं हो पाए। रात आठ बजे बाद सभी ग्रामीण कुंवारिया थाने पहुंचे, जहां ट्रक चालक के विरुद्ध रिपोर्ट दी। इधर, जिला प्रशासन द्वारा गुरुवार को वार्ता के लिए दोनों पक्षों को बुलाया है।
ग्रामीण धरने पर, पुलिस तैनात
कंपनी व ग्रामीणों के बीच मुआवजे पर वार्ता जारी है। मौके पर कानून एवं शांति व्यवस्था को लेकर पुलिस जाब्ता तैनात है।
भगवानलाल मेघवाल, थाना प्रभारी कुंवारिया
नियमानुसार सहयोग को तैयार
हादसे में कार्मिक की मृत्यु होने पर हरसंभव उसके परिवार को सम्बल व सहयोग को तैयार है। नियमानुसार जो भी संभव होगा, त्वरित कार्रवाई के प्रयास किए जाएंगे। सहयोग राशि भी दे रहे हंैं, मगर ग्रामवासी सहमत नहीं है।
अरविंदसिंह, प्रबंधक टोल प्लाजा नेगडिय़ा
Published on:
14 Feb 2019 09:15 am
