
पूर्व राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ पत्रकार शाहिद सिद्दीकी ने आजम खान से की मुलाकात, PC- X
रामपुर : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की जेल से रिहाई के पांच दिन बाद ही एक सनसनीखेज दावा सामने आया है। पूर्व राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ पत्रकार शाहिद सिद्दीकी ने आजम खान से दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में मुलाकात की, जहां आजम इलाज करा रहे हैं। मुलाकात के दौरान आजम ने कथित तौर पर बताया कि सीतापुर जेल में उन्हें और उनके बेटे अब्दुल्लाह को 'स्लो पॉइजन' देकर मारने की साजिश रची गई थी, ठीक वैसे ही जैसे मुख्तार अंसारी की जेल में मौत हुई थी। सिद्दीकी ने फेसबुक पर मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए यह दावा किया, जिससे राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
शाहिद सिद्दीकी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'आजम खान ने बताया कि जेल में उन्हें और उनके बेटे अब्दुल्लाह को जहर दिया गया था। उनके खाने में स्लो पॉइजन मिलाया जा रहा था। जैसे ही उन्हें इसकी भनक लगी, उन्होंने जेल का खाना बंद कर दिया और खुद अपने हाथों खाना बनाना शुरू कर दिया।' सिद्दीकी के मुताबिक, आजम को मुख्तार अंसारी की अचानक मौत के बाद शक हुआ कि उनके साथ भी वैसी ही साजिश हो रही है। वे सीतापुर जेल में तन्हाई बैरक में रखे गए थे, जहां जगह इतनी कम थी कि चलना-फिरना मुश्किल हो गया था। उनके पैरों ने भी काम करना बंद कर दिया था।
सिद्दीकी ने बातचीत में आगे खुलासा किया कि आजम ने उन्हें बताया, 'मैं, मेरी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे- सब BJP के निशाने पर हैं। वे पूरे परिवार को खत्म करना चाहते हैं।' यह दावा आजम के परिवार के खिलाफ लगातार चल रहे कानूनी मामलों और राजनीतिक दबाव को देखते हुए और गंभीर हो जाता है। हालांकि, आजम खान या उनके परिवार ने खुद मीडिया के सामने यह आरोप अब तक नहीं लगाया है, लेकिन जेल में यातनाओं का जिक्र वे हमेशा से करते रहे हैं।
सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल हो गई है। शाहिद सिद्दीकी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी पोस्ट किया, 'आजम खान ने सीतापुर जेल से बाहर आने के बाद बताया कि उन्हें और बेटे अब्दुल्लाह को जेल में जहर दिया गया था। स्लो पॉइजन उनके खाने में मिलाया जा रहा था। जैसे ही उन्हें अहसास हुआ, उन्होंने अधिकारियों द्वारा भेजा जाने वाला खाना बंद कर खुद खाना तैयार करना शुरू किया।' यह पोस्ट 19 लाइक्स और 4 रीपोस्ट्स के साथ चर्चा में है।
आजम खान 23 सितंबर 2025 को 23 महीने की कैद के बाद सीतापुर जेल से रिहा हुए थे। रामपुर कोर्ट ने 20 सितंबर को कुछ धाराओं को खारिज कर रिहाई का रास्ता साफ किया था। उन पर कुल 104 आपराधिक मामले दर्ज हैं। रिहाई के समय उनके दोनों बेटे अदीब और अब्दुल्लाह उन्हें लेने पहुंचे थे। 100 गाड़ियों के काफिले के साथ वे रामपुर लौटे, लेकिन रास्ते में DSP पर नाराजगी जाहिर की। आजम ने कहा, 'मुसाफिरों को पुलिस परेशान कर रही है।' जेल से बाहर आने पर बसपा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा, 'अटकलें लगाने वाले ही बता सकते हैं। जेल में किसी से मिलना या फोन करना तक मना था।'
हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीयर बार कब्जे से जुड़े मामले में आजम को जमानत दी थी, जो उनका आखिरी लंबित केस था। लेकिन जमानत मिलते ही पुलिस ने शत्रु संपत्ति मामले में नई धाराएं जोड़ दीं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वादा किया है कि सपा सरकार बनते ही आजम पर लगे सभी केस हटा दिए जाएंगे। इस सवाल पर आजम मुस्कुरा दिए थे।
Updated on:
28 Sept 2025 08:01 pm
Published on:
28 Sept 2025 08:01 pm
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