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शर्मनाक! हादसे में घायल हुए प्रवासी मजदूर अस्पताल में फर्श पर लेटकर इलाज कराने को हैं मजबूर

Highlights: -मरीजों को नहीं दिया गया बेड -बिहार जाते वक्त सड़क हादसे में हुए घायल -अस्पताल में बेड की किल्लत

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रामपुर। हादसे में घायल हुए बिहार के मरीजों को जिला अस्पताल में बेड नहीं मिला। जिसके चलते इलाज कराने आये मरीज जमीन पर ही लेटकर अपना इलाज कराने को मजबूर हैं। कुछ मरीज स्ट्रेचर पर पड़े हैं, तो कुछ जमीन पर बेसुध अवस्था में पड़े हैं। वहीं अस्पताल स्टाफ बेड की कमी होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहा है।

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दरअसल, शुक्रवार सुबह दिल्ली लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग 9 पर तेज रफ्तार बोलेरो ने लकड़ी से भरी ट्रैक्टर ट्राली को पीछे से टक्कर मार दी। जिससे कार में बैठे सभी 15 लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए। यह सभी लोग बिहार के रहने वाले हैं और बिहार जा रहे थे। हादसे की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने इन्हें तत्काल सीएचसी मिलक भिजवाया। जहां डॉक्टरों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते सीधी जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

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आरोप है कि जिला अस्पताल में उन्हें ना तो ठीक से इलाज मिल पा रहा है और ना ही उन्हें कोई बेड दिया गया है। जिसके चलते मजबूरी में कुछ मरीज स्ट्रेचर पर पड़े हुए हैं, तो कुछ मरीज जमीन पर पड़े हुए हैं। उन्हें देखने वाला वहां पर कोई नहीं है।

उधर, जिला अस्पताल में इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर ने बताया कि यहां पर बेड़ों की भारी किल्लत है। उसी किल्लत को लेकर यह मरीज स्ट्रेचर और कुछ मरीज जमीन पर पड़े हैं। फिर भी हम कोशिश कर रहे हैं कि इन्हें कहीं लिटा कर के अच्छे से इनका इलाज कर सकें। लोगों को बुरी चोटे आई हैं। कुछ लोगों को हमने बेड उपलब्ध करा दिए हैं, जबकि कुछ लोगों को अभी बेड उपलब्ध नहीं करा पाए हैं।

इस मामले में जिला अस्पताल के सीएमएस ने बताया कि अस्पताल तीन सौ बेड़ों का है। मगर इस वक्त 200 बेड का ही अस्पताल चल रहा है। मरीज ज्यादा भर्ती हैं। इसलिए जिला अस्पताल में बेड़ों की भारी किल्लत है। फिर भी हम कोशिश करा रहे हैं जल्द से जल्द बिहार के मजदूरों को बेड उपलब्ध करवाएं और उनका इलाज भी अच्छे से करवाएं।