
रामपुर: आजम खान के साथ लड़ाई में जया का साथ देने पहुंचे अमर सिंह
रामपुर। कभी रामपुरी चाकू के नाम से प्रसिद्ध रहा यह शहर आज आजम खान और जया प्रदा की दुश्मनी की वजह से पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे रामपुर का पारा भी चढ़ने लगा है। गुरुवार रात को राज्यसभा सांसद अमर सिंह भी आईसीयू से निकलकर सीधे रणभूमि में पहुंच गए। अब जया प्रदा व अमर सिंह एक तरफ और दूसरी तरफ आजम खान मैदान में हैं।
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23 अप्रैल को होगा मतदान
सबसे पहले बात रामपुर लोकसभा सीट की करते हैं। यहां तीसरे चरण में 23 अप्रैल को मतदान होगा। इस सीट से भाजपा के टिकट पर जया प्रदा और गठबंधन की तरफ से सपा नेता आजम खान चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने यहां से संजय कपूर को टिकट दिया है। आजम रामपुर विधानसभा सीट से नौ बार विधायक रह चुके हैं। वह वर्तमान में भी विधायक हैं। भाजपा उम्मीदवार जया प्रदा 2004 व 2009 में रामपुर से सांसद रह चुकी हैं। हालांकि, वह दोनों बार सपा के टिकट पर रामपुर से सांसद बनी हैं। उन्हें रामपुर में लाने वाले भी आजम खान ही हैं।
आजम ने मांगे थे वोट
2004 में आजम खान ने जया प्रदा के लिए घर-घर जाकर वोट मांगे थे। 2009 में दोनों के रिश्तों में दरार आ गई। अमर सिंह अपने करीबी को टिकट दिलाना चाहते थे लेकिन अमर सिंह बीच में आ गए। अमर सिंह की वजह से मुलायम सिंह ने जया प्रदा को एक बार फिर से मौका दे दिया। इस बार माहौल बदला और आजम खान ने जया प्रदा के खिलाफ प्रचार किया। इसके बावजूद फिल्म अभिनेत्री ने जीत दर्ज की। इस बीच दुश्मनी इतनी बढ़ी कि जया प्रदा ने आजम खान पर तेजाब से हमला करने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया। इतना ही नहीं आजम पर जया प्रदा की अश्लील फोटो वायरल करने का भी गंभीर आरोप लगा।
अमर सिंह हो गए पार्टी से बाहर
हालांकि, इसके बाद हालात कुछ ऐसे बदले कि अमर सिंह को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। उनके साथ जया प्रदा भी चल पड़ीं। जया प्रदा ने 2014 का लोकसभा चुनाव राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के टिकट पर बिजनौर से लड़ा, लेकिन करारी हार का सामना करना पड़ा। पांच साल राजनीति से दूर रहने के बाद अचानक जया प्रदा की एंट्री भाजपा में हुई और उसी दिन उन्हें रामपुर का उम्मीदवार बना दिया गया।
यह है विवादित बयान
रामपुर में आते ही जया प्रदा ने जनसभा में आंसू बहाए और अपने ऊपर हुए जुल्मों को बयां किया। वहीं, आजम खान सभाओं में जया प्रदा का नाम लेने से बचते रहे। 14 अप्रैल को शाहाबाद में अखिलेश यादव की जनसभा में आजम खान ने कह दिया, जिसको हम उंगली पकड़कर रामपुर लाए। आपने 10 साल जिससे अपना प्रतिनिधित्व कराया। उनकी असलियत समझने में आपको 17 बरस लगे। मैं 17 दिन में पहचान गया कि इनके नीचे का नेकर खाकी रंग का है। इस बयान को जया प्रदा से जोड़कर देखा गया और बवाल मच गया। इसको लेकर चुनाव आयोग ने आजम पर 72 घंटे का प्रतिबंध लगा दिया था, जो मंगलवार सुबह 6 बजे लागू हो गया। इन 72 घंटों में आजम किसी को नजर नहीं आए।
स्थिति
लोकसभा चुनाव में इस सीट पर 11 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से 8 प्रत्याशी मुस्लिम हैं। यहां 51 फीसदी मुस्लिम और 15 परसेंट दलित हैं। इस सीट पर 34 फीसदी अन्य हिंदू हैं। 2014 में यहां से भाजपा सांसद नेपाल सिंह ने सपा के प्रत्याशी नसीर अहमद खान को हराया था।
विधानसभाएं
- स्वार
- चमरौआ
- बिलासपुर
- रामपुर
- मिलक
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Updated on:
19 Apr 2019 12:03 pm
Published on:
19 Apr 2019 11:58 am
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