21 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भारत-पाक बंटवारे के बाद से परेशान 7 जिलों के किसानों को योगी सरकार जमीन पर देगी मालिकाना हक

Highlights: -बलदेव सिंह ओळख के आग्रह पर योगी आदित्यनाथ ने बनाई कमेटी -वर्षों से किसान करते आ रहे मांग -सीएम योगी ने मामला निपटाने को कमेटी गठन के दिए निर्देश

2 min read
Google source verification
Yogi

Yogi

रामपुर। भारत-पाकिस्तान बटंवारे के बाद से अब तक उत्तर प्रदेश में कई बार अलग-अलग राजनीतिक दलों की सरकारें बनी। लेकिन, कभी किसी ने उन सैकड़ों किसानों के मालिकाना हक दिलाने को लेकर कोई पैरवी नहीं की, जो वर्षों से यहां पर रहकर अपनी जिंदगी गुजर बसर कर रहें हैं। उनके पास घर है, मकान है, बिजली का बिल है और खेती के लिए पर्याप्त जमीन भी है. परंतु कागजों में किसी भी किसान का नाम दर्ज नहीं है। सैकड़ों वर्षों से उनका इस जमीन पर कब्जा है।

यह भी पढ़ें: दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्‌ट्री का माल चुराना पड़ा भारी, 2.5 करोड़ रुपये के पार्ट्स बरामद

इन्हें राहत देते हुए अब वर्तमान की योगी सरकार में जल शक्ति मंत्री बलदेव ओळख के आग्रह पत्र पर खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेकर एक कमेटी बनाई है। कमेटी पूरी रिपोर्ट तैयार करके उन्हें उपलब्ध कराएगी। जिसके बाद इन किसानों को उनकी जमीन नाम दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि 20 जून 2020 को यूपी सरकार के जलशक्ति मंन्त्री बलदेव ओळख ने 7 जिलों के सैकड़ों किसानों की समस्या को लेकर योगी आदित्यनाथ को लिखा था। जिसमें उन्होंने शाहजहाॅपुर, पीलीभीत, बरेली, रामपुर, बिजनौर आदि में विस्थापित सैकड़ों सिख किसान एवं गैर सिख किसानों को मालिकाना हक दिलाने के लिए आग्रह किया।

यह भी पढ़ें: सीएम योगी ने दी सहमति, 500 बिस्तर के कोविड-19 हॉस्पिटल में तब्दील होगा आजम खान का ड्रीम प्रोजेक्ट हज हाउस

मंत्री ओळख ने बताया कि भारत-पाक बंटवारे के बाद बहुत सारे सिख किसान व गैर सिख किसान उत्तर प्रदेश के भिन्न-भिन्न जिलों में आकर जंगल व नवाबों की रियासत व राजों की भूमि पर रात-दिन मेहनत करके इसे कृषि कार्य योग्य तैयार किया। यह कृषि योग्य भूमि ज्यादातर किसानों के नाम न कर या उसके बाद कहीं भूमि पर जंगल व सीलिंग दर्ज करके इन किसानों का बराबर उत्पीड़न हो रहा था। विस्थापित किसान तीन-चार पीढ़ियों से उसी भूमि पर कृषि करते रहे तथा सरकार द्वारा वहाॅ पर स्कूल, पक्की सड़के, नलकूप, विद्युत कनेक्शन आदि दिये गये हैं तथा यह लोग चीनी मिल में शेयर होल्डर, आदि लेकर निवास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने संज्ञान लेकर राजस्व विभाग द्वारा 6 सदस्यीय एक समिति का गठन किया गया है। जो तीन माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। समिति सभी पहलुओं पर रिपोर्ट देगी। इस समिति में जनपद से सम्बन्धित मण्डल के मण्डलायुक्त, अध्यक्ष व मण्डल के मुख्य वन संरक्षक व सम्बन्धित जनपद के प्रभागीय बनाधिकारी, सम्बन्धित मण्डल के मुख्य अभियन्ता व सम्बन्धित जनपद के अधिशाषी अभियन्ता (सिंचाई), सम्बन्धित मण्डल के उप गन्ना आयुक्त, व सम्बन्धित जनपद के जिला गन्ना अधिकारी, जनपद के बन्दोबस्त अधिकारी, सदस्य एवं जनपद के जिलाधिकारी द्वारा नामित अपर जिलाधिकारी सदस्य/ सचिव होंगे। जो कि अपनी रिपोर्ट देंगे।