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55 बार जेल जा चुके नेता ने शिवराज व मोदी के खिलाफ खोला मोर्चा, पूरी भाजपा में हड़कंप

55 बार जेल जा चुके नेता ने शिवराज व मोदी के खिलाफ खोला मोर्चा, पूरी भाजपा में हड़कंप

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राहुल की सभा से लौटती भीड़ पैदा न कर दे खतरा

रतलाम। वैसे तो इनकी उम्र 68 वर्ष हो गई है। ये उम्र आमतोर पर सन्यास की होती है, लेकिन ये अब भी सड़क पर उतरकर सुबे के मुखिया शिवराजङ्क्षसह चौहान से लेकर केंद्र में बैठे नरेंद्र मोदी के हर उस काम के खिलाफ सड़क पर उतर रहे है जो आमजन की जिंदगी में असर डालता है। 68 वर्ष की उम्र में अब तक 55 बार ये जेल जा चूके है। इनका बड़ा आरोप है कि मध्यप्रदेश में 36 हजार आदिवासी बेटियों की तस्करी अब तक हो गई है। हम बात कर रहे है किसान नेता शिव कुमार शर्मा कक्का जी की।

शुक्रवार को कक्का जी मंदसौर जिले के दलौदा में है। ये वो जगह है जहां पर किसानों पर २०१७ में लाठियां बरसाई गई थी। अब यहां पर शाम को 4 बजे पूर्व मंत्री यशवंत सिन्हा के साथ-साथ फिल्मों के जाने-माने हिरो व भाजपा सांसद शत्रुघन सिन्हा भी अपनी आवाज बुंलद करेंगे। इनका साथ देने आ रहे है विहिप के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण तोगडि़या। दलौदा की कृषि उपज मंडी में शाम को 4 बजे शिवराज व मोदी के खिलाफ बड़ी हुंकार ये नेता भरेंगे।

ये बोले कक्का जी मंदसौर में

जनता की सुरक्षा व मुद्दों को छोड़ अधिकारी व कलेक्टर बनने के लिए आईएएस नेताओं की परिक्रमा कर रहे हैं। प्रशासन बीजेपी के कार्यकर्ता की तरह काम कर रहा है। पूंजीपतियों का टैक्स माफ होता है और किसानों का कर्ज नहीं। सरकार के एजेंडे में किसान है ही नहीं। यह बात राष्ट्रीय मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार कक्का जी ने पत्रकारों से चर्चा में कही। उन्होंने शिवराज सरकार पर आरोप लगाया कि किसानों के अलावा अन्य मुद्दों पर भी सरकार फेल हुई है। प्रदेश में 36 हजार आदिवासी लड़कियों की तस्करी हो जाती है, कहां हैं मामा। प्रदेश में 3 माह की बालिका से लेकर 80 उम्र तक की महिला भी सुरक्षित नहीं है। यह आंदोलन का अंत नहीं, यह संदेश था। हमारे संयम को सरकार कमजोर नहीं समझे।

सरकार हमें कमजोर नहीं समझे

किसान आंदोलन की असफलता पर कक्का जी ने कहा कि हमारा उद्देश्य सरकार को संदेश था, हम उसमें सफल हुए। प्रशासन अपनी पीठ थपथपा रहा है। सरकार हमें कमजोर व कायर ना समझे सरकार। यह हमारी रणनीति का हिस्सा था। किसान सड़कों पर नहीं आया। वर्ष- 1972 से किसानों के लिए आंदोलन कर रहा हूं। 55 बार जेल गया हूं, पांच बार प्राणघातक हमले हुए है, लेकिन किसानों की लड़ाई लडऩा बंद नहीं की है।

17 लाख 12 हजार करोड़ माफ

मोदी सरकार ने 22 पंूजीपतियों का 17 लाख 12 हजार करोड़ का टैक्स माफ किया है। किसान व लघु- कुटीर उद्योगों पर 12 लाख 60 हजार का ऋण है, वहीं देश के किसानों पर सिर्फ 6 लाख 25 हजार का ऋण है। बावजूद किसानों व लघु-कुटीर का ऋण तो माफ नहीं किया।किसान देश के 110 करोड़ लोगों का पेट भर रहा है, बावजूद सरकार किसानों से ज्यादा पूंजीपतियों पर मेहरबान है।

यह भी बोले कक्का जी

चार साल के कार्यकाल में मोदी ने 28 किसान विरोधी निर्णय लिए। इससे किसान बर्बाद हुआ।
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ में देशभर में 172 संगठन हैं। संघ पोषित ही सरकार के साथ खड़े।
जिन्होंने किसानों को मारा वहीं कर रहे जांच, नहीं हुई दोषियो पर एफआईआर। सात हजार किसानों पर बनाए प्रकरण। इसके बाद 35 से 40 करोड़ की अवैध वसूली किसानों से हुई।
प्लायर से नाखून खींच लिए, निर्वस्त्र कर मार रहे। इतना किसान को टॉर्चर कर रहे है।
10 से 15 लाख रुपए का प्रदेश के हर किसान पर है कर्ज। सरकार की नीतियों की वजह से किसान पर चढ़ रहा कर्ज।
92 प्रतिशत किसान ऐसे जिनके पास 5 एकड़ जमीन नहीं। वह मंडियों तक नहीं पहुंचते।
18 हजार की आय होना चाहिए, लेकिन किसान की 2100 रुपए माह ही आय है। नरेगा की मजदूरी से भी कम है।
देश का केंद्र बिंदु किसानों के मुद्दे पर मध्यप्रदेश और इसमें भी मंदसौर बन गया है।
आंदोलन को देखते हुए 40 लाख के ल_ पंजाब से प्रदेश की सरकार ने मंगवाए है।
किसानों से बांड भरवाने वाली सरकार ने आधा दर्जन से अधिक मंत्री व खुद मुख्यमंत्री व संगठन में बैठे कई लोगों पर मामले दर्ज है, वह क्यों नहीं।