
प्रमोद मिश्रा
विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका संविधान के ये तीन मजबूत स्तंभ हैं। विधायिका कानून बनाती है। कार्यपालिका क्रियान्वयन कराती है और उल्लंघन पर न्यायपालिका दंडित करती है। 2023 के विधानसभा चुनाव में सैलाना के लोगों ने कमलेश्वर डोडियार (Kamleshwar Dodiyar) को विधायक चुनकर विधायिका में भेजा। लेकिन डोडियार माननीय से मी-लॉर्ड का सफर तय करने की तैयारी में है। 33 साल के डोडियार न्यायपालिका में जाना चाहते हैं, इसलिए लोकसभा चुनाव के प्रचार से दूर रहकर दिल्ली में सिविल जज की परीक्षा दे रहे हैं। बताते हैं, दो पेपर अभी बाकी हैं।
आदिवासी बहुल सैलाना विधानसभा से भारतीय आदिवासी पार्टी (बाप) के पहले विधायक बने डोडियार 33 साल के हैं। उन्होंने 2013 में विक्रम यूनिवर्सिटी उज्जैन से बीए किया था। पिछले ही साल 2023 में वे दिल्ली यूनिवर्सिटी से एलएलबी में ग्रेजुएट हुए। अब वे मी-लॉर्ड बनने की राह पर चल पड़े हैं।
Bharat Adivasi Party MLA डोडियार की रणनीति अलग रही है। वे पिछले साल दिल्ली में एलएलबी कर रहे थे। लौटे तो विधानसभा चुनाव में 'बाप' से प्रत्याशी बने। तब कांग्रेस-भाजपा ने डोडियार पर ध्यान नहीं दिया। वे जीते। इस बार भी वे दिल्ली में हैं। पत्रिका टीम उनके दफ्तर पहुंची तो कर्मियों ने कहा, वे जज की परीक्षा दे रहे हैं। उनकी टीम गांवों में सक्रिय है। चर्चा है 'बाप' ने लोकसभा चुनाव में अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
लोकसभा चुनाव में जहां राजनीतिक दल प्रचार कर रहे हैं, वहीं रतलाम मुख्यालय से 25 किमी दूर सैलाना विधानसभा क्षेत्र में प्रचार नहीं दिख रहा। मतदाता मौन हैं। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-भाजपा को यहां मिली हार के बाद यह मौन दलों के लिए पहेली है।
Updated on:
18 Apr 2024 08:17 am
Published on:
18 Apr 2024 08:17 am
