
BREAKING RAILWAY saffronisation, read here what railway is going to do
आशीष पाठक
रतलाम। अब तक केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर शिक्षा का भगवाकरण करने का आरोप लगता रहा है, अब इससे एक कदम आगे बढ़कर सरकार रेलवे का भगवाकरण करने जा रही है। इस मामले की भनक लगते ही सरकार की सोच की विरोधी वाले रेल संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है।
रेलवे का अब भगवाकरण करने की शुरुआत हो गई है। अब तक हल्के नीले रंग के जिन डिब्बों में बैठकर यात्री अपनी यात्रा करते रहे है, उनका रंग अब बदला जा रहा है। इसके लिए रेलवे ने चुपचाप 30 हजार डिब्बों का रंग बदल भी दिया है। इन डिब्बों को देशभर के लिए जारी कर दिया है। पश्चिम रेलवे को तीन हजार व रतलाम रेल मंडल को 500 डिब्बे इस प्रकार के मंडल से चलने वाली ट्रेनों के लिए मिलने जा रहे है।
इस रंग में होंगे रेल के डिब्बे
अब ट्रेन के डिब्बे केसरिया रंग में रंगे होंगे। रेलवे ने चैन्नई रेल कोच की फेक्ट्री में इन डिब्बों का रंग बदलने का कार्य करवाया है। इसमे मिली सफलता के बाद देशभर के रेल कोच कारखानों के निर्माण मैनेजर को इस बारे में निर्देश जारी हो गए है कि अब किसी भी डिब्बे पर पूर्व की तरह हल्का नीला रंग के बजाए भगवा या केसरिया रंग रंगा जाए।
रोक लगा दी पूर्व के रंग खरीदने पर
बता दे कि कैरेज एंड वैगन विभाग व मंडल के दाहोद में इस संबध में रेल मुख्यालय से आदेश आ गए है। आदेश में इस बात का उल्लेख किया गया है कि पूर्व की तरह खरीदे जा रहे हल्के नीले रंग की खरीदी पर रोक लगा दी गई है। अब डिब्बों को अधिक बेहतर बनाने के लिए इनका रंग बदला जाए। इसके लिए केसरिया रंग का उपयोग किया जाए। असल में इसके लिए जून माह में रेलवे बोर्ड की एक बैठक व बनाई गई कमेटी ने इस बारे में निर्णय दिया था। कमेटी की रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख है कि केसरिया रंग अधिक उर्जावान रंग है। इसलिए पूर्व के डिब्बों को इस रंग में रंगा जाए। इसके अलावा नए निर्माण होने वाले डिब्बों को ताजा जारी आदेश के रंग में रंगा जाए।
रेलवे में हो रहा आधुनिकीकरण
यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए कोचों का आधुनिकीकरण हो रहा है। रंग के साथ-साथ कोचों के अंदर सीट, लाइट, टॉयलेट जैसी तमाम सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा।
- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल
Published on:
23 Aug 2018 10:53 am
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