
income tax in betul mp india
रतलाम। आयकर विभाग आपको घर बैठे रुपए कमाने का अवसर देने वाला हैं। इसके लिए बस आपको अपने पड़ोस में थोड़ी तांक-झांक करने की आदत डालना होगी। असल में बेनामी संपत्ती के मामले में या बगैर टैक्स भरे किए जाने वाले लेन-देन की सूचना देने वालों को अब विभाग एक लाख रुपए नकद का पुरस्कार घर बैठे देगी। इतना ही नहीं, अगर सूचना में टैक्स चोरी की रकम अधिक मिलती है तो १० प्रतिशत तक का वसूली का मिलेगा। आयकर विभाग में ये पहली बार होगा की इस प्रकार की सूचना पर नकद पुरस्कार मिलेगा।
आयकर विभाग टैक्स चोरी व बेनामी लेन-देन के बारे में सही व भरोसेमंद जानकारी देने वालों के लिए ईनाम की राशि को बढ़ा रहा है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स विभाग द्वारा 28 अप्रैल 2015 को एक परिपत्र जारी किया गया था। इसमे लिखा गया था कि अगर कोई बेनामी संपत्ती की जानकारी देता है तो उसको पुरस्कार दिया जाएगा। लेकिन ये पुरस्कार कितना होगा, किस तरह से मिलेगा इसके बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। अब इस बारे में राशि के बारे में अपडेशन किया गया हैं।
ढाई वर्ष बाद याद आया
टैक्स वसूली में कमजोर होने के बाद ढ़ाई वर्ष बाद विभाग को अपना पूर्व का परिपत्र याद आया है। अब अगर कोई टैक्स चोरी व बेनामी संपत्ती के बारे में सूचना देता हैं तो उसको न सिर्फ ईनाम के रुप में 1 लाख रुपए नकद विभाग देगा, बल्कि प्रकरण पूरा निपटने के बाद अगर टैक्स चोरी की राशि १५ लाख रुपए से अधिक निकलती है तो सूचना देने वाले को वसूली का दस प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा।
रेंज मे एेसे असर होगा
विभाग के अनुसार वर्ष 2015 में जब ये घोषणा की गई थी, तब से अब तक इसका न तो व्यापक प्रचार हुआ न किसी ने कुछ अधिक जानकारी दी। इसलिए विभाग ने अब ईनाम की राशि का खुलासा करते हुए १५ लाख रुपए से अधिक की टैक्स चोरी पाए जाने पर 10 प्रतिशत नकद देने की बात कही है। रतलाम रेंज की बात करें तो यहां पर 50 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ती में निवेश नोटबंदी के दौरान हुआ था, जिसकी जानकारी विभाग को नहीं दी गई थी। इसके अलावा करीब 125 एेसे लोग हैं जो एक से अधिक नोटिस के बाद भी विभाग को सही जवाब नहीं दे रहे हैं।
काला धन की जानकारी दे
विभाग ने कालाधन की जानकारी देने वालों को पुरस्कार नकद देने का निर्णय लिया हैं। ये आदेश वर्ष २०१५ में जारी हुआ था, लेकिन इसमे राशि के बारे में नहीं बताया गया था। अब राशि का खुलासा कर दिया गया है। जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। जानकारी के बाद विभाग अपने स्तर पर जानकारी की पुष्टि करेगा व इसके बाद कार्रवाई करेगा।
- सतीश सोलंकी, संयुक्त आयकर आयुक्त, रतलाम रेंज
Published on:
08 Apr 2018 11:14 am
बड़ी खबरें
View Allरतलाम
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
