
indian railway cancelled big trains
रतलाम। अगर आप भारतीय रेलवे में यात्रा करने जा रहे है तो ये खबर आपके काम की है। असल में अब तक जो सुविधा आपको मिलती रही है, उसको रेलवे बंद करने जा रहा है। इसकी शुरुआत भारतीय रेलवे के पश्चिम रेलवे से होगी। इसके बाद इसको देशभर में लागू किया जाएगा।
भारतीय ट्रेन में एसी में यात्रा करने वाले मुसाफिरों को आने वाले दिनों में रेलवे डिस्पोजेबल तौलिए देगी। इसके लिए रेलवे ने जरूरी मानक तय कर लिए है। इसकी शुरुआत पश्चिम रेलवे से चलने वाली राजधानी व दूरंतो ट्रेन से होगी। तैयार मानक के अनुसार डिस्पोजेबल तौलिए 40 सेंटीमीटर लंबे और 30 सेंटीमीटर चौड़े होंगे। इसमे कम दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को एक टॉवल जबकि लंबी दूरी के यात्रियों को दो तौलिए दिए जाएंगे।
जारी कर दिए आदेश
रेलवे बोर्ड ने इस मामले में देशभर के सभी जोन को आदेश भेज दिए है। पश्चिम रेलवे जोन से आदेश रतलाम मंडल को आ गए है, क्योकि इंदौर से भी मुंबई सेंट्रल के लिए दूरंतो ट्रेन चलती है। मंडल को मिले बोर्ड के जोन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार डिस्पोजेबल तौलिए में तकरीबन 50 फीसदी कॉटन और 50 फीसदी बॉयोडिग्रेडेबल मेटेरियल होगा।
3.53 का एक तौलिया आता इस समय
इस समय दिए जा रहे इन तौलियों की कीमत 3 रुपये 53 पैसे के करीब है। मंडल के वाणिज्य विभाग के अनुसार जल्द ही सभी ट्रेनों में इस तरह के बॉयोडिग्रेडेबल तौलिए दिए जाने लगेंगे। बता दे कि मंडल में सबसे अधिक शिकायत एसी कोच के यात्रियों की ये रहती है कि मिलने वाले तौलिए साफ नहीं होते है। इसके अलावा इन तौलियों को एक माह में 50 से अधिक बार यात्रियों को दिया जाता है। एेसे में त्वचा रोग होने की प्रबल संभवना रहती है।
चोरी भी होते है खुब इसलिए लिया ये निर्णय
इसके अलावा ये तौलिए सबसे अधिक चोरी होते है। इनके चोरी होने से ट्रेन के कोच अंटेंडर की सैलेरी से इसके रुपए काटे जाते है। अब नए प्रकार के तौलिए सस्ते होने से ये भार न के बराबर रहेगा। बता दे की रेलवे यात्रियों को एसी कोच में विशेषकर राजधानी ट्रेन व दूरंतो ट्रेन में तौलियों के अलावा पानी की बोतल, बेडरोल के अलावा नाश्ता, चाय, काफी, सुप व भोजन के साथ आईसक्रीम भी देती है। अगर सर्दी का समय हो तो आईसक्रीम के बजाए मिठाई दी जाती है।
व्यय में आएगी कमी इससे
रेलवे के अनुसार इस निर्णय से खर्च में काफी कमी आ जाएगी। फिलहाल तौलिए पर जो खर्च आता है, वो प्रति तौलिया 3.53 रुपये है। भारतीय रेलवे ने सभी रेलवे जोनों के महाप्रबंधकों को 26 जून को भेजे गए पत्र में बोर्ड ने कहा है कि नए नैपकिन पर खर्च कम आएगा, क्योंकि उन्हें थोक में खरीदा जा सकता है और वह आकार में भी छोटे होंगे।
अगले माह से अमल में लाएंगे
रेलवे इस निर्णय को अगले माह से अमल में लाएगी। इसके लिए जल्दी ही खरीदी वरिष्ठ कार्यालय होगी।
- जेके जयंत, जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम रेल मंडल
Published on:
06 Jul 2018 04:15 pm
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