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इंदौर-खंडवा रेल लाइन को मिली NOC, लाखों लोगों को बड़ी सौगात…

Indore-Khandwa Rail Line: उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ने वाले सबसे छोटे और सीधे रूट को लेकर वन विभाग ने जारी किया अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC)...।

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Indore-Khandwa Rail Line: मध्यप्रदेश के इंदौर-खंडवा रेल परियोजना से जुड़ी एक बड़ी राहतभरी खबर सामने आई है। वन विभाग ने इस रेल लाइन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया है, जिससे परियोजना के मार्ग में सबसे बड़ी अड़चन अब दूर हो चुकी है। इसके साथ ही अब इस मार्ग का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेगा। बता दें कि पिछले दस साल से इंदौर और खंडवा के बीच रेल संपर्क पूरी तरह ठप्प था। पहले यहां पर मीटरगेज लाइन संचालित होती थी, जो महू से होकर पातालपानी, कालाकुंड, बलवाड़ा और चौरल होते हुए खंडवा तक जाती थी। अब इस मार्ग को ब्रॉडगेज में बदलने का कार्य जारी है।

उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ने वाला सबसे छोटा रूट…


इंदौर-खंडवा के बीच बन ही ये रेल लाइन उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ने वाला सबसे छोटा और सीधा रूट साबित होगी। इसके पूरा होते ही इंदौर का सीधा रेल संपर्क खंडवा, भुसावल, नासिक और मुंबई के अलावा तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों से स्थापित हो जाएगा। यह नया रेल कॉरिडोर मालवांचल के व्यापारियों, किसानों और यात्रियों को एक तेज, किफायती और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराएगा। सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि यह रेल मार्ग मालवांचल और दक्षिण भारत के बीच मजबूत और सुगम कनेक्टिविटी के लिए बेहद अहम साबित होगा।

10 साल बाद फिर से चलेगी रेल


पिछले दस साल से इंदौर और खंडवा के बीच रेल संपर्क पूरी तरह ठप्प था। पहले इस मार्ग पर मीटरगेज लाइन संचालित होती थी, जो महू से होकर पातालपानी, कालाकुंड, बलवाड़ा और चौरल होते हुए खंडवा तक जाती थी। अब इस मार्ग को ब्रॉडगेज में बदलने का कार्य जारी है। नई ब्रॉडगेज लाइन महू से पातालपानी के पहले एक मोड़ लेकर लवाड़ा तक बनाई जा रही है। चूंकि यह इलाका पहाड़ी है, इसलिए लगभग 32 किलोमीटर लंबा घुमावदार मार्ग तैयार किया जा रहा है, जिसमें 454 हेक्टेयर भूमि वन विभाग के अंतर्गत आती है। रेलवे इस जमीन पर ट्रैक बिछाने की अनुमति पिछले कई साल से मांग रहा था, जो अब स्वीकृत हो चुकी है।