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आईआरसीटीसी : 70 प्रतिशत यात्रियों की रेल टिकट में बीमा लेने में रुचि

शुरू के दस दिन में काउंटर से 6 लाख से अधिक टिकट बिक्री, सभी का स्वत: हो गया बीमा

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रतलाम. रेल मंडल में यात्री यात्रा के पहले टिकट का आरक्षण करवाते है। आरक्षण दो प्रकार से होता है। एक टिकट खिड़की पर जाकर व दूसरा आईआरसीटीसी के एपलीकेशन से। टिकट खिड़की से जो यात्री टिकट लेता है, उसको बीमा का लाभ स्वत: मिल जाता है, लेकिन आईआरसीटीसी इसके लिए आप्शन देता है। रेल मंडल में ऑनलइन टिकट लेने वाले प्रति 100 में से 70 प्रतिशत यात्री इस प्रकार के है, जिनकी 49 पैसे प्रति टिकट का बीमा लाभ लेने में रुचि है।

कोरोना महामारी के बाद रेल यात्रा करने वाले यात्री भी अपने स्वास्थ्य व बीमा को लेकर चिंतित के साथ जागरुक हुए है। यही वो कारण है कि कोरोना के पूर्व तक जहां ऑनलाइन टिकट लेते समय यात्री प्रति 100 में से मात्र 34 से 36 प्रतिशत बीमा करवाते थे, अब वो बढ़कर संख्या 70 प्रतिशत तक पहुंच गई है। असल में रेल से यात्रा के दौरान बीमा होने में सफर के दौरान दुर्घटना से लेकर मृत्यु होने पर भरवाई होती है। रेलवे ने ट्रेन यात्रा के दौरान बीमा देने की योजना को 2016 में शुरू किया था। इस समय देश में तीन से चार कंपनियां आईआरसीटीसी से यात्रा के दौरान बीमा का लाभ देती है। जब योजान की शुरुआत हुई तब प्रति यात्री प्रीमियम 0.92 पैसे था, अगस्त 2018 तक तो रेलवे ने स्वयं इसको वहन किया, लेकिन इसके बाद इस प्रीमियम को घटाकर 0.49 पैसे किया व अब तक यही राशि तय है। हालांकि सैकेंड सीटिंग में यह राशि रतलाम से इंदौर जाए तो मात्र 0.35 पैसे है।

यह मिलता है बीमा पर यात्रियों को


- दुर्घटना में मृत्यु होने पर अधिकतम 10 रुपए परिवार को।
- दुर्घटना में स्थायी दिव्यांग होने पर 7.50 लाख रुपए।
- अस्पताल में इलाज होने पर अधितम तीन लाख रुपए।
- नोट - बीमा की राशि अलग-अलग बीमा कंपनी की अलग-अलग हो सकती है।

यह है रेल मंडल की स्थिति


- 1 दिसंबर से 10 दिसंबर के बीच रेल मंडल में टिकट खिड़की से कुल 6.08 लाख टिकट की बिक्री हुई। इससे रेलवे को 14.70 करोड़ रुपए की आय हुई।
- ऑनलाइन करीब 1 लाख टिकट की बिक्री हुई, इनमे से 70 हजार यात्रियों ने बीमा का लाभ लिया।

लाभ ही होता है


ऑनलाइन टिकट लेने पर मात्र 49 पैसे प्रीमियत बीमा का लगता है, लेकिन इससे कई प्रकार के लाभ है। अगर ट्रेन दुर्घटना हो व यात्री को नुकसान हो, तो मुआवजा पूरा मिलता है। टिकट खिड़की से लेते समय स्वत: मुआवजा का अधिकार यात्री को होता है।


- खेमराज मीणा, रेल मंडल प्रवक्ता

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